Nalanda News (दिलीप कुमार की रिपोर्ट): देशभर में बकरीद गुरुवार को मनाई जाएगी, लेकिन नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड स्थित बड़ाकर गांव में आधी मुस्लिम आबादी ने बुधवार को ही बकरीद का त्योहार मना लिया. गांव में वर्षों से सऊदी अरब में चांद दिखने के आधार पर पर्व मनाने की परंपरा चली आ रही है.
गांव का सऊदी अरब से है गहरा जुड़ाव
बड़ाकर गांव में करीब 200 घर हैं, जिनमें 60 से 70 मुस्लिम परिवार रहते हैं. ग्रामीणों के अनुसार गांव के लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब में रहता है. बताया जाता है कि करीब 2500 ग्रामीण वहां काम करते हैं. इसी कारण यहां के लोग सऊदी अरब में चांद दिखने की जानकारी के आधार पर बकरीद और अन्य पर्व मनाते हैं.
नमाज और कुर्बानी के साथ मनाया गया पर्व
बुधवार सुबह बच्चे, युवा और बुजुर्ग नए कपड़ों में सजकर ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा करने पहुंचे. नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी. इसके बाद सुन्नत-ए-इब्राहिमी के तहत कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ.
20 वर्षों से चली आ रही है परंपरा
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में करीब 20 वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है. उनका मानना है कि चांद के हिसाब से महीने का निर्धारण किया जाता है और सऊदी अरब भारत के पश्चिम में होने के कारण वहां चांद पहले दिखाई देता है. इसी आधार पर गांव के लोग त्योहार मनाते हैं.
आधे लोग आज, आधे कल मनाएंगे बकरीद
ग्रामीण मो. तारिक ने बताया कि गांव की आधी आबादी बुधवार को बकरीद मना रही है, जबकि बाकी लोग पूरे देश के साथ गुरुवार को पर्व मनाएंगे. कई परिवारों में ऐसी स्थिति है कि कुछ सदस्य आज नमाज अदा कर रहे हैं तो कुछ सदस्य अगले दिन त्योहार मनाएंगे. मस्जिद के इमाम मो. अली ने कहा कि बकरीद पैगंबर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी की याद में मनाई जाती है. यह पर्व त्याग, समर्पण और भाईचारे का संदेश देता है.
अलर्ट मोड में प्रशासन
इधर जिले में गुरुवार को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व को लेकर प्रशासन सतर्क है. शांति समिति की बैठकों के बाद संवेदनशील इलाकों की पहचान कर ली गई है. सदर डीएसपी संकेत कुमार ने कहा कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है.
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