Harnaut Primary School : नालंदा के हरनौत प्रखंड के कोलावां पंचायत में स्थित प्राथमिक विद्यालय छोटी आमर में छात्र-छात्राओं को स्कूल तक आने-जाने के लिए अब तक रास्ता नहीं मिल सका है. स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों को पूरे साल रास्ता नहीं होने का दंश झेलना पड़ रहा है.
स्कूल प्रभारी एचएम वीणा भारती के द्वारा इस संबंध में पदाधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन विद्यालय के रास्ते के संबंध में कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण भारी परेशानी हो रही है.
प्रभारी प्रधानाध्यापिका द्वारा दी गई जानकारी
वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापिका वीणा भारती ने बताया कि विद्यालय में कक्षा पहली से पांचवीं तक 106 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिसमें 70-80 बच्चे उपस्थित रहते हैं, लेकिन न चारदीवारी है एवं न आने-जाने का रास्ता है. करीब दो फीट चौड़ी एक पगडंडी कच्चे रास्ते से बच्चे आते-जाते हैं.
उन्होंने कहा कि स्कूल भवन के कमरे भी जर्जर हो चुके हैं. बरसात के दिनों में जर्जर छत से पानी टपकता रहता है, जिससे पठन-पाठन में काफी असुविधा होती है.
छत का प्लास्टर उखड़ने और असुरक्षित माहौल
यहां तक कि छत से प्लास्टर भी उखड़-उखड़कर गिरते रहते हैं, जिससे छात्र-छात्राओं सहित शिक्षिकाएं स्कूल ऑवर में असुरक्षित महसूस करते हैं. यहां तक कि स्कूल भवन से दो मीटर आगे दस फीट गहरा तालाबनुमा एक गड्ढा है, जिसमें बरसात के दिनों में पानी लबालब भरा रहता है, जिसमें कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
ग्रामीणों की नाराजगी और नेताओं के झूठे आश्वासन
आसपास के ग्रामीणों से बात करने पर उन्होंने बताया कि स्कूल में मूलभूत सुविधाएं नहीं रहने के कारण वे अपने बच्चों को स्कूल में पढ़ने के लिए नहीं भेजते हैं. ग्रामीण बताते हैं कि इसके लिए कई बार नेताओं ने आश्वासन दिया, लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है.
बीईओ का बयान और समाधान का आश्वासन
वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) नितेश कुमार रंजन ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है. मामले की जानकारी स्कूल प्रभारी से लेकर उसका समाधान किया जाएगा.
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