नालंदा : ससुर और बहू के बीच में था अवैध संबंध, एक ही परिवार के चार लोगों ने की आत्महत्या की कोशिश, 3 की मौत

Nalanda News : नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव में एक ही परिवार में हुई दर्दनाक घटना से हड़कंप मच गया. पारिवारिक कलह के बीच जहां तीन लोगों की मौत हो गई, वहीं एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

Nalanda News : नालंदा के चंडी थाना क्षेत्र के बिशुनपुर गांव में शनिवार को पारिवारिक विवाद के बीच एक ही परिवार के चार सदस्यों ने आत्महत्या का प्रयास किया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गयी, जबकि एक का इलाज अस्पताल में चल रहा है. मृतकों की पहचान दिलेंद्र तांती (65 वर्ष), बड़े बेटे रंजीत तांती (40 वर्ष) और उसकी पत्नी गौरी देवी (30 वर्ष) के रूप में हुई है. वहीं, छोटे बेटे पुरुषोत्तम तांती (35 वर्ष) की हालत गंभीर बनी है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है.

अवैध संबंध की चर्चा, पुलिस कर रही जांच

डीएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था़ कुछ लोगों ने ससुर और बहू के बीच कथित अवैध संबंध होने की बात भी कही है़ हालांकि, इस संबंध में अभी जांच जारी है. सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है तथा परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ जारी है.

मौके पर लगी लोगों की भीड़

पहले छोटे बेटे ने की आत्महत्या की कोशिश

घटना से पहले छोटे बेटे पुरुषोत्तम तांती ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया. परिजनों और ग्रामीणों ने समय रहते उसे बचा लिया और इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. पुरुषोत्तम ने पुलिस को बताया कि उनके अस्पताल पहुंचने के बाद परिवार के अधिकांश सदस्य उनके साथ थे. इसी दौरान बड़े भाई रंजीत तांती और उनकी पत्नी गौरी देवी ने सल्फास की गोलियां खा ली. उन्होंने अपने चार वर्षीय बेटे प्रिंस को भी सल्फास खिलाने का प्रयास किया, लेकिन बच्चे ने गोली नहीं खायी और उसकी जान बच गयी. दोनों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान गौरी देवी और रंजीत तांती की मौत हो गयी

बेटे के अस्पताल में रहने के दौरान पिता ने लगा ली फांसी

पुलिस के अनुसार, जब परिवार के सदस्य अस्पताल में थे, उसी दौरान घर पर मौजूद दिलेंद्र तांती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया।

चार वर्षीय बच्चे की सूझबूझ से बची जान

मृतका गौरी देवी के चार वर्षीय पुत्र प्रिंस ने बताया कि उसके माता-पिता उसे बाजार ले गये थे, जहां से सल्फास की गोलियां खरीदी गयी थीं. घर लौटने के बाद उसे भी गोलियां खिलाने की कोशिश की गयी, लेकिन उसने गोली फेंक दी, जिससे उसकी जान बच गयी.

पुलिस सभी पहलुओं की कर रही है जांच

चंडी थाना अध्यक्ष चंदन कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है. जांच में यह सामने आया है कि बुजुर्ग ने फांसी लगायी, जबकि पति-पत्नी ने जहरीला पदार्थ खाया. फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जायेगा.


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लेखक के बारे में

दीपक कुमार प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. त्रिवेणीगंज (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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