फर्जी प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी का किया पर्दाफाश

जिले में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग में खलबली मचा दी है.

शेखपुरा. जिले में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा विभाग में खलबली मचा दी है. एक बहू ने अपनी ही सास पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के सहारे वर्षों से सरकारी नौकरी में रहते हुए बिहार सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाए जाने का आरोप लगाया है. बहू जानी-मानी विशेषज्ञ डॉ. रिंकू कुमारी सिंह ने बाकायदा साक्ष्य सहित जिला शिक्षा पदाधिकारी को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपा है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनकी सास उर्मिला देवी, एक शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने अपने शैक्षणिक और प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों में उम्र की हेराफेरी की है और गलत दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की है. लगाए गए आरोपों में कहा गया है कि .उर्मिला देवी का मैट्रिक, इंटर और शिक्षक प्रशिक्षण प्रमाणपत्र संदिग्ध है. इसमें जन्मतिथि को जानबूझ कर कम दिखाया गया है. इंटरमीडिएट (1984–1986) और शिक्षक प्रशिक्षण (1985–1987) की तिथियों में एक ही वर्ष (1985) का होना यह दर्शाता है कि दोनों कोर्स एक साथ कैसे किए गए यह असंभव है और फर्जीवाड़े का संकेत है. उर्मिला देवी के पति कृष्णनंदन प्रसाद, जो कि बोकारो स्टील प्लांट से 2010 में सेवानिवृत्त हुए सर्विस बुक में उनकी पत्नी की जन्मतिथि 1955 दर्ज है, जबकि, उर्मिला देवी ने नौकरी के लिए 1968 की जन्मतिथि का प्रमाणपत्र जमा किया है. बेटे नील पंकज की जन्मतिथि 1975 है, ऐसे में यदि उर्मिला देवी की जन्मतिथि 1968 मानी जाए, तो वे मात्र 7 वर्ष की उम्र में मां बन गई थीं, जो कि पूरी तरह असंभव है. डॉ. रिंकू कुमारी ने यह भी दावा किया है कि उन्होंने वर्षों से इन साक्ष्यों को जुटाया और संजोया है. यह मामला केवल पारिवारिक विवाद का नहीं, बल्कि एक गंभीर प्रशासनिक धोखाधड़ी का है. उनका आरोप है कि घरेलू कलह के कारण उर्मिला देवी ने उन्हें उनके पति से दूर कर दिया और आखिरकार यह रिश्ता तलाक तक जा पहुंचा. परंतु डॉ. रिंकू ने हार नहीं मानी और अपने अधिकारों की लड़ाई के साथ ही समाज हित में एक शिक्षिका के फर्जीवाड़े को सामने लाने का संकल्प लिया. अब यह मामला शेखपुरा जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के जांच के घेरे में है. जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय से शिक्षिका उर्मिला देवी को नोटिस तलब किया गया है.जिसमें बिंदुवार स्पष्टीकरण देने को कहा गया है. जबाब नहीं दिए जाने पर शिक्षा विभाग कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. बहू के द्वारा सास की पोल –पट्टी खोलने चर्चा लोग चटकारें ले रहे हैं.

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Published by: Santosh kumar singh

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