सांख्यिकी निदेशालय ने डाटा इंट्री ऑपरेटर के लिए जारी किया गाइडलाइन

बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के अंतर्गत अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय ने प्रखंड स्तर पर कार्यरत डाटा इंट्री ऑपरेटर (संविदा) को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं.

बिहारशरीफ. बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के अंतर्गत अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय ने प्रखंड स्तर पर कार्यरत डाटा इंट्री ऑपरेटर (संविदा) को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिये हैं. अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग के निदेशक-सह-मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म एवं मृत्यु) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब डाटा इंट्री ऑपरेटर का प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह संबंधित जिला एवं प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी के अधीन रहेगा. यह निर्णय उन बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर लिया गया है जिसमें कहा गया था कि कई प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) डाटा इंट्री ऑपरेटर को जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन के अलावा अन्य असंबंधित कार्यों में लगाये रखते हैं. इससे इनके मुख्य कार्य प्रभावित हो रहे थे. बेल्ट्रॉन के माध्यम से प्रत्येक प्रखंड में एक संविदा डाटा इंट्री ऑपरेटर की प्रतिनियुक्ति की गयी है. इनका मुख्य कार्य जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ विभिन्न सांख्यिकीय आंकड़ों का संग्रहण, रिपोर्टिंग और राज्य की पोर्टल पर अपलोड करना है. सभी डाटा इंट्री ऑपरेटर संबंधित जिला सांख्यिकी पदाधिकारी के अधीन रहेंगे. जिला सांख्यिकी पदाधिकारी द्वारा बेल्ट्रॉन के इआरपी पोर्टल पर बिल जनरेट कर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा. हर माह के अंतिम कार्य दिवस को प्रखंड से अनुपस्थिति की रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजना अनिवार्य. कार्य दायित्व के रूप में जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रेशन में रजिस्ट्रार/उप-रजिस्ट्रार को सहयोग. वर्षा पंजी, फसल कटनी रिपोर्ट, अन्य सांख्यिकी प्रतिवेदन. संबंधित सभी पंजियों का संधारण. कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य सामग्री की सुरक्षा और अभिरक्षा की जिम्मेदारी ऑपरेटर व प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी दोनों की होगी. लापरवाही या कदाचार पर ऑपरेटर की सेवा समाप्ति की अनुशंसा जिला सांख्यिकी पदाधिकारी कर सकते हैं. प्रखंड स्तर से सीधे निदेशालय को कोई पत्राचार नहीं किया जाएगा, बल्कि जिला पदाधिकारी के माध्यम से किया जायेगा. बेल्ट्रॉन द्वारा दिए गए नियुक्ति पत्र में उल्लिखित सभी सेवा शर्तों का अक्षरशः पालन आवश्यक होगा. इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य प्रखंड स्तर पर डाटा इंट्री ऑपरेटर की कार्य प्रणाली में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही स्थापित करना है, ताकि जन्म और मृत्यु जैसे संवेदनशील डेटा के संकलन व रजिस्ट्रेशन में कोई चूक न हो. इस निर्णय से न केवल आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि डाटा इंट्री ऑपरेटर के कार्य को भी सम्मान और स्पष्ट दायित्व मिलेगा.

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Published by: Amlesh prasad

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