मजदूर हितों पर किए गए अहम विचार-विमर्श

हरनौत हरेका परिसर में ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (इसीआरकेयू) की शाखा परिषद की पहली बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई.

बिहारशरीफ. हरनौत हरेका परिसर में ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन (इसीआरकेयू) की शाखा परिषद की पहली बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता हरेका शाखा के अध्यक्ष राजीव रंजन कुमार ने की़ इस महत्वपूर्ण बैठक में यूनियन के केंद्रीय पदाधिकारी और कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे. बैठक को संबोधित करते हुए इसीआरकेयू के केंद्रीय सचिव मृ्त्युजय कुमार ने कहा कि वर्तमान सरकार लगातार मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात कर रही है. रेलवे सहित अन्य राष्ट्रीय सम्पत्तियों का निजीकरण और आउटसोर्सिंग तेज़ी से किया जा रहा है, जो कर्मचारियों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है. उन्होंने कहा कि देश की प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने इस स्थिति के खिलाफ 20 मई को राष्ट्रीय आम हड़ताल का आह्वान किया है. रेलवे में एआईसीसीटीयू से संबद्ध इंडियन रेलवे एम्प्लॉइज फेडरेशन और इससे जुड़ी सभी यूनियनें इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगी. इसीआरकेयू भी पूर्व मध्य रेलवे के करीब 200 स्टेशनों और कार्यस्थलों पर प्रदर्शन करेगी. केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एस.पी. साहू ने चार लेबर कोड को काले कानून बताते हुए कहा कि ये मजदूरों की सुरक्षा, वेतन और अधिकारों को कमजोर करने की साजिश हैं. उन्होंने एनपीएस/यूपीएस जैसे प्रावधानों को भी कर्मचारी विरोधी करार दिया और इन्हें वापस लेने की मांग की. बैठक में केंद्रीय उपाध्यक्ष रामबाबू पासवान, सहायक महामंत्री सत्यम कुमार, संगठन सचिव प्रवीण कुमार, धर्मेंद्र, विपिन बिहारी, मंटू, धनजी, रवि रंजन कुमार, शत्रुधन, दिलीप, अर्चना नंदेलाल, रविनेश, मधु, चितरंजन समेत अन्य कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे.

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Published by: Santosh kumar singh

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