विपक्ष बिहारवासियों को कर रहा गुमराह : उमेश कुशवाहा

विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि वोट के लिए विपक्ष बिहार वासियों को गुमराह करने का तरह-तरह का हथकंडा अपना रहा है.

शेखपुरा. विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि वोट के लिए विपक्ष बिहार वासियों को गुमराह करने का तरह-तरह का हथकंडा अपना रहा है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में नरेंद्र मोदी और बिहार में एनडीए की नीतीश सरकार जब रोजगार और विकास की योजनाओं का पिटारा खोलते हैं, तो उससे होने वाला बदलाव ही डबल इंजन की सरकार कहलाती है. मंगलवार को शेखपुरा शहर के इस्लामिया उच्च विद्यालय में आयोजित एनडीए शेखपुरा विधानसभा कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा नेता एवं बिहार सरकार के मंत्री जनक राम, राज्यसभा सांसद शंभू शरण पटेल, रोलोमो के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ पटेल, जदयू नेता प्रो राजेंद्र यादव, गठबंधन दल के जिलाध्यक्ष सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया. नेताओं ने कहा कि 15 साल के शासनकाल में लालू परिवार ने आखिर क्या गुल खिलाए कि हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया है. नेताओं ने लालू-राबड़ी राज को जंगल राज बताकर कहा कि वह दौर था जब घर से निकलने वाले परिवार के सदस्य की शाम तक वापसी होने की चिंता बनी रहती थी. चारों तरफ अराजकता और खून खराबे का माहौल था. सड़क, शिक्षा, बिजली, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का नामोनिशान नहीं था. लेकिन एनडीए की नीतीश सरकार ने बिहार में स्वर्णिम विकास से आम लोगों को लाभान्वित किया है. छोटे से छोटे गांव और कस्बे में सड़क, बिजली, पानी के साथ-साथ कानून व्यवस्था का राज कायम कर आज नौकरी और रोजगार की दिशा में ऐतिहासिक काम भी हो रहे. रालोमो नेता जितेंद्र नाथ पटेल ने कहा कि महागठबंधन के नेता तेजस्वी सरकार बिहार में माय बहिन मान योजना की बात करते हैं. शेखपुरा में भी साड़ी बांटकर महिलाओं के सम्मान का दावा कर रहे. लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय की पौत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की ही बहु आज उसी परिवार की प्रताड़ना की शिकार होकर, न्याय के लिए दर-दर की ठोकरे खा रही है. ऐसे में महिलाओं के प्रति इनका कितना सम्मान है यह जग जाहिर है. सम्मेलन में मुख्य वक्ताओं ने कहा कि बिहार सरकार ने पेंशन, वेतन, मानदेय में जिस प्रकार बढ़ोतरी कर ग्रामीण स्तर पर काम कर रहे सांगठनिक एवं संस्थाओं के कर्मियों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया है, यह ऐतिहासिक कदम है. बिहार की एनडीए सरकार का नेतृत्व कर रहे नीतीश कुमार ने आने वाले समय में एक करोड़ नौकरी देने का भी वादा किया है. आधुनिक बिहार के विश्वकर्मा नीतीश कुमार के द्वारा सजाये बिहार को संभाल कर रखना एवं उसे देश के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की जिम्मेवारी आम कार्यकर्ताओं की है. ऐसी स्थिति में एनडीए के सभी पांचों दलों को चट्टानी एकता के साथ इस चुनावी रणभूमि में मजबूती से खड़ा रहना होगा. नेताओं ने कहा कि 2025 में 225 एक बार फिर नीतीश का नारा बुलंद किया. आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को लेकर सुबह 7:00 बजे से ही सड़क मार्गों पर वाहनों का काफिला दौड़ना शुरू हुआ. ऐसी स्थिति में समूचा शहर जाम के चंगुल में पूरी तरह फस गया. यह स्थिति शाम 6:00 बजे तक बनी रही. इस मौके पर जदयू जिलाध्यक्ष रंधीर कुमार सोनी, बीजेपी जिलाध्यक्ष रेशमा भारती, लोजपा जिलाध्यक्ष इमाम गजाली, रालोमो जिलाध्यक्ष पप्पू राज मंडल, हम पार्टी के जिलाध्यक्ष संतोष कुशवाहा, रालोमो नेता राजेश रंजन उर्फ गुरु मुखिया, महेंद्र कुशवाहा, गोरेलाल कुशवाहा, सुनील रजक सहित ने लोग मौजूद थे. बारिश में भींगकर भी डटे रहे कार्यकर्त्ता : कार्यकर्ता सम्मेलन को लेकर जदयू, रालोमो, लोजपा, भाजपा एवं हम के नेता जहां पूरी मुस्तैदी के साथ अपने समर्थकों को सभा स्थल तक पहुंचने में जुटे थे. वहीं ढोल बाजे और डीजे की व्यवस्था ने शहर के सड़क मार्गों पर अपने काफिले खड़ी कर दी. इस दौरान हुसैनाबाद रोड स्थित द कैपिटल होटल प्रांगण से रालोमा के हजारों कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में ढोल बाजे के साथ निकले और बड़ी तादाद में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राहुल कुमार ने बताया की करीब छः हजार पार्टी समर्थक एनडीए कार्यकर्ता सम्मलेन का हिस्सा बने. कार्यकर्ताओं की लंबी कतार संभालने में पुलिस कर्मियों के भी पसीने छूट गये. इस दौरान रालोमो कार्यकर्ताओं के जुलूस में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा भी काफी देर तक इस्लामिया खेल मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप मुख्य सड़क पर ही फंसे रह गये. वे कार्यकर्ता सम्मलेन को संबोधित करने जा रहे थे. इस दौरान शेखपुरा शहर से आढ़ा जाने वाली सड़क मार्ग पर नबीनगर ककरार से लेकर दल्लू चौक तक भारी संख्या में यात्री वाहन फंसे रहे. जिसके कारण सभी पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्मेलन में आने के लिए लंबी दूरी पैदल ही तय करना पड़ा. बड़ी बात यह है कि सभा स्थल पर खचाखच बड़ी भीड़ के बीच जब अतिथि पहुंचे और सम्मेलन का संबोधन प्रारंभ हुआ तब इसी बीच मूसलाधार बारिश भी शुरू हो गई. पंडाल में लगे कुर्सी पर बैठे लोग के साथ-साथ बड़ी संख्या में पंडाल के बाहर खड़े लोग भी बारिश में भीग कर सम्मेलन में नेताओं को सुनते रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Amlesh prasad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >