बिहार की नई पहचान बनेगी ग्रेटर राजगीर बहुपरियोजना

प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों से आच्छादित मगध की प्राचीन राजधानी राजगीर को अब ग्रेटर राजगीर के रूप में विकसित किया जायेगा.

राजगीर. प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों से आच्छादित मगध की प्राचीन राजधानी राजगीर को अब ग्रेटर राजगीर के रूप में विकसित किया जायेगा. इस दिशा में उच्चस्तरीय आंतरिक पहल आरंभ हो गयी है. राज्य सरकार ने इसे ‘ग्रेटर राजगीर’ के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना बनायी है. इस बहुपरियोजना का उद्देश्य राजगीर को न केवल एक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में संरक्षित करना है, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस स्मार्ट और हरित नगरी के रूप में स्थापित करना है. परियोजना में आसपास के क्षेत्रों का विकास, आधारभूत संरचना का सशक्तीकरण और पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन पर विशेष फोकस किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार की सरकार ने राजगीर के ऐतिहासिक महत्व को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर विशेष रूप से स्थापित करने के लिए योजना बना रही है. महात्मा बुद्ध, तीर्थंकर महावीर, मुनि सुब्रत स्वामी और मगध साम्राज्य की यादों से जुड़ा यह क्षेत्र अब ग्रेटर राजगीर के रूप में विकसित किया जायेगा. इसका उद्देश्य न केवल इसकी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना है, बल्कि आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ-साथ पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में इसे आत्मनिर्भर बनाना भी है. जानकार बताते हैं कि राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय से अनेक योजनाएं बनायी जा रही हैं. राजगीर नगर परिषद क्षेत्र के विस्तार के अलावे राजगीर की सीमा से सटे नवादा और गया जी जिले में क्षेत्र विस्तार पर भी सरकार अमल कर रही है. ग्रेटर राजगीर को आसपास के गांवों जैसे घोड़ा कटोरा, वन गंगा, जेठियन, तपोवन के आसपास के क्षेत्र तक विस्तारित करने की योजना है, ताकि नया ग्रेटर राजगीर क्षेत्र आकार ले सके़ सूत्रों के अनुसार इलाके में नई और चौड़ी सड़कों, फ्लाईओवर, एलिवेटेड रोड, जल निकासी प्रणाली, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम प्रबंधन और स्ट्रीट लाइटिंग आदि को आधुनिक मानकों के अनुसार विकसित किया जायेगा. ग्रीन एनर्जी और ईको-टूरिज्म : जानकारों की माने तो ग्रेटर राजगीर की पहचान इको टूरिज्म सेन्टर के रूप में दिलाया जायेगा. सौर ऊर्जा, बैटरी चालित वाहन, इलेक्ट्रिक वाहन, हरित पार्क और जल संरक्षण परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जायेगा, ताकि पर्यावरण के अनुकूल सर्वांगीण विकास हो सके. रोपवे, विश्व शांति स्तूप, जू सफारी, नेचर सफारी, ग्लास ब्रिज, डायनासोर पार्क, सप्तऋषि काॅरिडोर, जैन काॅरिडोर, वेणुवन में लाइट एण्ड साउंड, जयप्रकाश उद्यान का सौन्दर्यीकरण, जरासंध स्मारक, नया संग्रहालय, इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पांच सितारा होटल, अंतराष्ट्रीय सुविधाओं वाला बस टर्मिनल, रेलवे ओवर ब्रिज, एलिवेटेड रोड, रेलवे ओवर ब्रिज, बोटिंग लेक, गृद्धकूट, विपुल गिरी, वैभारगिरी ट्रैकिंग आदि जैसी परियोजनाओं क��� और विस्तार दिया जायेगा. प्रगति का प्रतीक बनेगा ग्रेटर राजगीर : राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित ग्रेटर राजगीर परियोजना अब बिहार की प्रगति का नया प्रतीक बनेगा. मास्टर प्लान के तहत राजगीर को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप हब, और खेल क्षेत्र में अग्रणी बनाया जायेगा. नालंदा विश्वविद्यालय, बिहार खेल विश्वविद्यालय और आयुर्वेद संस्थान का विस्तार किया जा रहा है. पीपीपी मॉडल के जरिये निवेशकों को आमंत्रित किया जायेगा. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और पर्यटन कंपनियों से समझौते की दिशा में बातचीत जारी है. यदि यह परियोजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो ग्रेटर राजगीर बिहार की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक तस्वीर बदल देगा. सांस्कृतिक उन्नति का नया केंद्र बनेगा राजगीर : बताया जाता है कि ग्रेटर राजगीर के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, और स्टार्टअप हब की स्थापना की भी योजना है. नालंदा विश्वविद्यालय, आयुर्वेद संस्थान राज्य खेल अकादमी, और बिहार खेल विश्वविद्यालय को और विस्तार देने की दिशा में काम चल रहा है. इससे हजारों स्थानीय लोगों को रोज़गार और व्यवसाय के नए अवसर मिलेंगे। यदि योजनाएं सफलतापूर्वक कार्यान्वित होती हैं, तो राजगीर देश के प्रमुख पर्यटन एवं सांस्कृतिक हब के रूप में स्थापित होगा. ग्रेटर राजगीर न केवल राज्य की पहचान बनेगा, बल्कि बिहार की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उन्नति का नया केंद्र बनेगा. ग्रेटर राजगीर केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की दिशा बनेगा. इसके माध्यम से न केवल एक शहर, बल्कि समूचे क्षेत्र का कायाकल्प होने वाला है. इस बदलाव में आम जनता की सहभागिता और प्रशासन की पारदर्शिता ही इसकी सफलता की कुंजी होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Amlesh prasad

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >