हिलसा के श्रीचंद उदासीन महाविद्यालय में बुधवार को इंडक्शन मीट के दूसरे दिन प्राचार्य डॉ. शिवचंद्र सिंह ने नए छात्र-छात्राओं को सफलता का मूलमंत्र दिया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ज्ञान की वह ज्योति है जो हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाती है.
प्राचार्य ने अपने जीवन संघर्ष के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि निरंतर प्रयास और परिश्रम से सफलता अवश्य मिलती है. उन्होंने माता-पिता को सर्वश्रेष्ठ गुरु बताते हुए कहा कि वे अपने अनुभवों से सही मार्गदर्शन कर सकते हैं.
75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य, अनुशासन और सुविधाओं के प्रयोग पर जोर
उन्होंने छात्रों को कक्षा में 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होने की जानकारी दी. उन्होंने अनुशासन का पालन करने, समय पर क्लास अटेंड करने और इंटरनल एग्जाम व अटेंडेंस के नियमों का पालन करने पर जोर दिया.
प्राचार्य ने महाविद्यालय में उपलब्ध लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, स्पोर्ट्स ग्राउंड और जिम जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया. उन्होंने विद्यार्थियों को इन सुविधाओं का सही उपयोग करने और किसी दबाव में न आकर अपनी पढ़ाई तथा संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी.
500 से अधिक छात्र-छात्राएं और शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम का मंच संचालन राजनीति शास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक कुमार ने किया. उन्होंने महाविद्यालय के इतिहास, उपलब्धियों और शिक्षकों-कर्मचारियों का परिचय कराया. इस अवसर पर 500 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
कार्यक्रम में महाविद्यालय की शिक्षिका व एनएसएस पदाधिकारी डॉ. पिंकी कुमारी, डॉ. अश्विनी कुमार झा, डॉ. सम्राट सरकार, डॉ. संदीपा इंद्रा, डॉ. भुवनेश्वर कुमार, मीडिया कर्मी व कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. राजीव नयन, तकनीकी कर्मी मधुसूदन कुमार, राजा कुमार, नवीन कुमार, मुनील पटेल सहित सभी प्राध्यापक एवं कर्मचारी मौजूद रहे.
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