Nalanda News : नालंदा की जिलाधिकारी उदिता सिंह ने शनिवार को आयोजित दैनिक जनता दरबार में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 27 आवेदकों की समस्याएं सुनीं. सुनवाई के दौरान उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी मामलों का त्वरित, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया.
इस जनता दरबार में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद, अतिक्रमण, जन्म प्रमाण पत्र में सुधार, सार्वजनिक सुविधाओं तथा राजस्व संबंधी शिकायतों से जुड़े रहे. जिलाधिकारी ने प्रत्येक आवेदक की शिकायत को पूरी गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
विभिन्न मामलों पर निर्देश
एक आवेदक द्वारा जन्म प्रमाण पत्र में सुधार की मांग किए जाने पर जिलाधिकारी ने मामले के त्वरित निष्पादन के लिए अपर समाहर्ता एवं जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया. इसी प्रकार विवादित भूमि की नापी से संबंधित शिकायत पर भी अपर समाहर्ता एवं जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.
भूमि विवाद से जुड़े एक अन्य मामले में, जहां आवेदक ने अपनी रैयती जमीन पर खेती नहीं करने देने की शिकायत की थी, जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी एवं एसडीपीओ, राजगीर को संयुक्त रूप से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
अतिक्रमण और जनसुविधा
रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराने की शिकायत पर अनुमंडल पदाधिकारी एवं एसडीपीओ, हिलसा को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, जबकि रैयती जमीन से अतिक्रमण हटाने के एक अन्य मामले में अनुमंडल पदाधिकारी एवं एसडीपीओ, सदर बिहारशरीफ को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया.
जनसुविधा से जुड़े एक मामले में चापाकल लगाने की मांग पर जिलाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के कार्यपालक अभियंता को आवश्यक कार्रवाई कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. जिलाधिकारी ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, इसलिए सभी विभाग शिकायतों के निष्पादन में पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें.
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