Nalanda News : आमतौर पर महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठकों और सरकारी निर्णयों का मुख्य केंद्र रहने वाला डीएम का चैंबर शनिवार को अचानक प्रेरणा, उत्साह और बड़े सपनों का एक जीवंत मंच बन गया. ''बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' योजना के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कमरुद्दीनगंज (बिहारशरीफ) की कक्षा छह, सात और आठ की छात्राओं ने समाहरणालय का शैक्षणिक भ्रमण किया. इस विशेष भ्रमण के दौरान इन बच्चियों को जिला पदाधिकारी उदिता सिंह से सीधे संवाद करने का एक सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ.
डीएम ने उपस्थित सभी छात्राओं को जीवन में बड़े सपने देखने, अटूट आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने और कठिन परिश्रम से अपना वांछित लक्ष्य हासिल करने का संदेश दिया.
कार्यक्रम की शुरुआत में जिला पदाधिकारी ने सभी छात्राओं से आत्मीय परिचय प्राप्त किया और उनसे उनके भविष्य के सपनों, पढ़ाई तथा जीवन के लक्ष्यों के बारे में बातचीत की. शुरुआत में छात्राएं थोड़ी संकोच में थीं, लेकिन डीएम की सहज और आत्मीय शैली ने कुछ ही देर में उनकी झिझक को पूरी तरह दूर कर दिया.
सहना नहीं कहना है: डीएम ने दिए सशक्त बनने के मंत्र
संवाद के दौरान उदिता सिंह ने बच्चियों से बेहद आत्मीयता से कहा कि लड़कियों और महिलाओं को अपनी भावनाएं, समस्याएं और इच्छाएं समाज के सामने खुलकर व्यक्त करनी चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि आप अपनी बात नहीं कहेंगी, तो कोई भी आपकी परेशानी और आपके खूबसूरत सपनों को नहीं समझ पाएगा.
इसलिए जीवन में कभी चुप मत रहिए, सहना नहीं, बल्कि कहना है. उन्होंने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 181 और आपातकालीन सेवा 112 की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी संकट की स्थिति में इन सेवाओं का निडर होकर उपयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अपने विधिक अधिकारों और कल्याणकारी सरकारी योजनाओं की जानकारी रखना ही सशक्त बनने की पहली सीढ़ी है.
आईआईटी से आईएएस का सफर: साझा किए अपने संघर्ष
छात्राओं के उत्सुकता भरे सवालों का जवाब देते हुए जिला पदाधिकारी ने अपने जीवन के संघर्षों की प्रेरक कहानी भी साझा की. उन्होंने बताया कि उनका पहला सपना इंजीनियर बनने का था. उन्होंने इसके लिए प्रतिष्ठित आईआईटी की प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण की और आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा प्राप्त की.
इसके बाद उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा की तैयारी की और कठिन परिश्रम के बल पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित हुईं. उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान कई ऐसे अवसर आए, जब उनके मित्र बड़ी कंपनियों में नौकरी कर रहे थे, लेकिन उन्होंने धैर्य और आत्मविश्वास नहीं खोया. लगातार मेहनत के बल पर उन्होंने अंततः अपना लक्ष्य हासिल किया.
जो जितना तपता है उतना चमकता है: कठिन मेहनत की सलाह
छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जो जितना तपता है, वह उतना ही चमकता है, ठीक सूर्य की तरह. संघर्ष जीवन को मजबूत बनाता है और व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारता है. उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां ही इंसान को महान बनाती हैं.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्षपूर्ण जीवन का भी विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सकारात्मक रूप से सामना करना चाहिए. उदिता सिंह ने छात्राओं से कहा कि वे बड़े सपने देखें, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें पूरा करने के लिए पूरी लगन, अनुशासन और ईमानदारी से मेहनत करें. उन्होंने कहा कि आज जो सीख मिली है, उसे अपने परिवार और समाज तक भी पहुंचाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक बन सकें.
वोकेशनल ट्रेनिंग की मांग: डीएम ने दिए त्वरित निर्देश
संवाद के दौरान छात्राओं ने अपने विद्यालय में सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी एंड वेलनेस, नृत्य और संगीत जैसी रोजगारपरक गतिविधियां शुरू कराने की मांग रखी. जिला पदाधिकारी ने बच्चियों की इस मांग को बेहद गंभीरता से लेते हुए उपस्थित संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) और सांस्कृतिक गतिविधियां भी बच्चियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी हैं.
देश का नाम रोशन करने का संकल्प: कार्यालयों का किया भ्रमण
कार्यक्रम के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी छात्राओं को संकल्प दिलाया कि वे बड़े होकर अपने माता-पिता, विद्यालय, नालंदा जिले और पूरे देश का नाम रोशन करेंगी. छात्राओं ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ इस संकल्प को दोहराया. इसके बाद छात्राओं को जिला मुख्यालय के विभिन्न कार्यालयों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया.
उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम, लोक शिकायत निवारण कार्यालय, व्यवहार न्यायालय, वन स्टॉप सेंटर तथा आरटीपीएस काउंटर का बारीकी से अवलोकन कर प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न सरकारी सेवाओं की कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (आईसीडीएस) अर्चना कुमारी, महिला एवं बाल विकास निगम के जिला परियोजना प्रबंधक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डन, शिक्षिकाएं तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
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