Bihar Sharif News : बिहारशरीफ से एक ऐसी खबर सामने आई है जो गांवों में छोटे विवादों के खतरनाक रूप लेने की हकीकत को फिर उजागर करती है. अस्थावां थाना क्षेत्र के माफी गांव में पानी निकासी और पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया. इस घटना में दो लोग घायल हो गए हैं, जबकि पीड़ितों ने पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पानी निकासी और जमीन के बंटवारे से शुरू हुआ विवाद
बताया जा रहा है कि माफी गांव में लंबे समय से गोतिया के बीच पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर तनाव चल रहा था. इसी बीच पानी निकासी को लेकर भी विवाद गहरा गया. दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई जो धीरे-धीरे मारपीट में बदल गई. गांव के लोगों के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से लाठी-डंडे चलने लगे.
इस झड़प में रहमत आलम और मोहम्मद राशिद आलम घायल हो गए. दोनों को इलाज के लिए स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सहायता दी गई. घटना के बाद गांव में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
घायल पक्ष ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद मामला तब और तूल पकड़ गया जब घायल पक्ष ने डायल 112 की पुलिस टीम पर ही सवाल उठा दिए. रहमत आलम और मोहम्मद राशिद आलम का आरोप है कि मौके पर मौजूद डायल 112 टीम के एसआई नाजिश सिविल ड्रेस में थे और उन्होंने मारपीट रोकने के बजाय हमलावरों को उकसाने का काम किया.
पीड़ितों का कहना है कि अगर पुलिस समय पर निष्पक्ष तरीके से हस्तक्षेप करती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस का बयान, पारिवारिक विवाद बताया मामला
इधर, अस्थावां थाना प्रभारी ने इस मामले को लेकर अलग ही तस्वीर पेश की है. उनका कहना है कि यह किसी दो अलग-अलग गुटों के बीच का विवाद नहीं है, बल्कि गोतिया के बीच का पारिवारिक मामला है जो संपत्ति के बंटवारे को लेकर बढ़ गया.
पुलिस के अनुसार इस मामले में सलाहुद्दीन कुरैशी और जहांआरा की ओर से आवेदन दिया गया है. दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी होगी जांच
थानाध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि डायल 112 के पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया गया है. उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान सिविल ड्रेस में मौके पर पहुंचना नियमों का उल्लंघन है और यह एक गंभीर लापरवाही मानी जाती है.
इस मामले में संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की बात कही गई है. साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके.
गांव में तनाव, प्रशासन सतर्क
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है. हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए कहा है कि फिलहाल हालात सामान्य हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के पारिवारिक विवाद अगर समय रहते सुलझा लिए जाएं तो इस तरह की हिंसक घटनाओं से बचा जा सकता है. फिलहाल सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं.
