Biharsharif News : चंडी थाना क्षेत्र में मुहाने नदी किनारे रविवार की शाम बरामद एक शव की पहचान को लेकर देर रात तक असमंजस की स्थिति बनी रही. प्रारंभिक तौर पर शव की पहचान चंडी डीह निवासी उमेश चौधरी के 21 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार के रूप में की गई. परिजनों ने भी पहले शव को रोहित का बताया, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद परिवार के कुछ सदस्यों ने शव की पहचान से इनकार कर दिया. परिवार के कुछ लोगों का कहना था कि शव किसी अज्ञात बुजुर्ग व्यक्ति का है और शव पर मौजूद कपड़े भी रोहित के नहीं हैं. पहचान को लेकर परिजनों के अलग-अलग दावे सामने आने के बाद मामला उलझ गया है.
पहचान स्पष्ट करने के लिए होगी डीएनए जांच
थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि रोहित के परिजनों की ओर से शव की पहचान को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. ऐसी स्थिति में शव की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की आगे की जांच को स्पष्ट दिशा मिल सकेगी. पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है.
13 अगस्त से लापता था रोहित कुमार
बताया जाता है कि रोहित कुमार 13 अगस्त से लापता था. घर नहीं लौटने पर अगले दिन परिजनों ने चंडी थाने में इसकी सूचना दी थी. रविवार को मुहाने नदी किनारे एक शव पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद किया. शव से काफी दुर्गंध आ रही थी, जिसके बाद रोहित के परिजनों को बुलाकर पहचान कराने का प्रयास किया गया.
कबाड़ की खरीद-बिक्री करता था रोहित
परिजनों के अनुसार, रोहित फेरी लगाकर कबाड़ के रूप में लोहा, टिन, कागज आदि की खरीद-बिक्री करता था. वह चार भाइयों में सबसे छोटा और अविवाहित था. कुछ माह पहले वह काम के सिलसिले में मुंबई भी गया था. स्थानीय लोगों के अनुसार, रोहित नशे की गिरफ्त में था और इसी प्रवृत्ति वाले कुछ किशोरों एवं युवकों के संपर्क में रहता था. हालांकि पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है.
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
बरामद शव की स्थिति को देखते हुए परिजन और स्थानीय लोग हत्या की आशंका जता रहे हैं. उनका दावा है कि शव के हाथ पर कटे होने के निशान और गर्दन पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं. सिर पर बाल नहीं होने की बात भी सामने आई है. हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम, एफएसएल और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
पैर के निशान से पिता ने जताई पहचान की संभावना
रोहित के पिता उमेश चौधरी का दावा है कि रोहित के पैर पर बचपन से चोट का एक निशान था और बरामद शव के पैर पर भी इसी तरह का निशान दिखाई दे रहा है. वहीं, परिवार के अन्य सदस्य शव की पहचान को लेकर असहमति जता रहे हैं. इसी वजह से पुलिस के सामने शव की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.
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दो युवकों से पूछताछ, एफएसएल जांच के लिए सुरक्षित किया गया स्थल
पुलिस ने संदेह के आधार पर पड़ोस के दो युवकों से पूछताछ की है. घटनास्थल को एफएसएल जांच के लिए सुरक्षित कर लिया गया है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद शव रोहित कुमार का है या किसी अन्य व्यक्ति का. इसके साथ ही मौत के कारणों और शव के वहां पहुंचने की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है.
हत्या की आशंका पर चंडी बाजार में सड़क जाम
इधर, रोहित कुमार की हत्या की आशंका जताते हुए परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने सोमवार सुबह करीब नौ बजे चंडी बाजार में सड़क जाम कर दिया. करीब आधे घंटे तक लोगों ने सड़क पर आवागमन बाधित रखा. हालांकि बाईपास मार्ग से वाहनों का परिचालन जारी रहा. जाम की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया.
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निष्पक्ष जांच और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, शव की पहचान स्पष्ट करने और यदि हत्या हुई है तो दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की. पुलिस के आश्वासन के बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया. पुलिस का कहना है कि डीएनए जांच, एफएसएल रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी.
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