Biharsharif News : बिंद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बिंद में सोमवार को टीकाकरण अभियान को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. 'साक्षो' डेटा एनालिटिक्स परियोजना के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीपीएम, डेटा प्रबंधक, प्रखंड की सभी एएनएम, टीकाकर्मी और डेटा एंट्री ऑपरेटर (डीईओ) सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया.
डेटा की शुद्धता और सही रिपोर्टिंग पर फोकस
प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनर केशव कुमार ने टीकाकरण से संबंधित आंकड़ों को पोर्टल पर सही ढंग से दर्ज करने की प्रक्रिया की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि त्रुटिरहित रिपोर्टिंग और सटीक डेटा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बेहद जरूरी हैं. साथ ही एएनएम को डेटा प्रबंधन और रिपोर्टिंग से जुड़ी तकनीकी जानकारी भी दी गई.
'जीरो-डोज' बच्चों तक पहुंचना है लक्ष्य
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उमाकांत प्रसाद ने बताया कि यह परियोजना देश की 'जीरो-डोज' क्रियान्वयन योजना का हिस्सा है, जिसे GAVI के सहयोग से स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है. इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों और समुदायों की पहचान करना है, जिन्हें अब तक नियमित टीकाकरण का लाभ नहीं मिल पाया है.
शत-प्रतिशत टीकाकरण पर जोर
डॉ. उमाकांत प्रसाद ने कहा कि डेटा आधारित रणनीतियों के माध्यम से वंचित समुदायों तक समय पर पहुंच सुनिश्चित कर शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों की सटीक रिपोर्टिंग और तकनीकी दक्षता से टीकाकरण अभियान की गुणवत्ता और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी दोनों में सुधार होगा.
प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. उमाकांत प्रसाद, डॉ. सुनील कुमार, बीसीएम सोनी कुमारी, ट्रेनर केशव कुमार सहित प्रखंड की सभी एएनएम और संबंधित स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.
