नालंदा में उर्वरक वितरण को लेकर जिला कृषि पदाधिकारी की अहम बैठक, कालाबाजारी रोकने को लेकर विभाग सख्त

Bihar Sharif News : जिले में खाद की कालाबाजारी रोकने को लेकर कृषि विभाग सख्त, बैठक आयोजित. नीचे पढ़िए पूरी खबर.

बिहारशरीफ से रणजीत सिंह की रिपोर्ट
Bihar Sharif News : नालंदा जिले में किसानों को समय पर और निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. नितेश कुमार की अध्यक्षता में जिले के सभी उर्वरक कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में उर्वरकों के संतुलित एवं पारदर्शी वितरण तथा कालाबाजारी व जमाखोरी पर रोक लगाने पर जोर दिया गया. बैठक में सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दिया गया कि जिले को आवंटित उर्वरकों का वितरण सभी थोक विक्रेताओं के बीच समानुपातिक रूप से किया जाए.

खाद की रैक डिस्पैच से पहले अब दो दिन पूर्व सूचना देना अनिवार्य

उर्वरक का संकेन्द्रण किसी एक या चुनिंदा विक्रेताओं तक सीमित न रखने की हिदायत दी गई, ताकि वितरण व्यवस्था में संतुलन बना रहे और किसानों को परेशानी न हो. जिला कृषि पदाधिकारी डॉ नितेश कुमार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अक्सर कंपनियां विभाग की पूर्वानुमति के बिना उर्वरक रैक डिस्पैच कर देती हैं और बाद में सूचना देती हैं, जो उचित नहीं है. अब सभी कंपनियों को रैक डिस्पैच से कम से कम दो दिन पहले विभाग को सूचना देना अनिवार्य होगा. बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जिले में उर्वरक की कोई कमी न हो और थोक व खुदरा विक्रेताओं के साथ समन्वय स्थापित कर किसानों को तय मूल्य पर खाद उपलब्ध कराया जाए.

जिले में उर्वरक की स्थिति संतोषजनक

साथ ही कंपनियों को निर्देश दिया गया कि खुदरा विक्रेताओं की पीओएस मशीनों में लंबे समय से पड़े स्टॉक की सूची विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि सत्यापन किया जा सके।सबसे महत्वपूर्ण निर्देश यह रहा कि कंपनियां और थोक विक्रेता खुदरा विक्रेताओं को उर्वरक के साथ अन्य उत्पादों की जबरन बिक्री न करें। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. वर्तमान में जिले में उर्वरक की स्थिति संतोषजनक है। उपलब्धता के अनुसार यूरिया 11602.41 मीट्रिक टन, डीएपी 2656.8 मीट्रिक टन, एमओपी 358 मीट्रिक टन, एनपीके 7356 मीट्रिक टन और एसएसपी 8261.12 मीट्रिक टन स्टॉक में है. किसानों को परेशानी न हो इसके लिए अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी और उर्वरक निरीक्षकों को सतत निगरानी का निर्देश दिया गया है. प्रखंड कृषि पदाधिकारियों के अनुरोध पर यह भी निर्णय लिया गया कि जल्द ही कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों, थोक व खुदरा विक्रेताओं और कृषि पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी, ताकि वितरण में आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके.

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