BIHAR EOU RAID : (अमर वर्मा) पटना के टॉप-10 अपराधियों में शुमार कुख्यात भू-माफिया संजय कुमार उर्फ ‘संतोष डॉन’ के खिलाफ शनिवार को बड़ी कार्रवाई की गई. नालंदा पुलिस, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और पटना STF की संयुक्त टीम ने उसके 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर इलाके में हड़कंप मचा दिया. करीब 8 घंटे तक चले इस महा-ऑपरेशन में कई अहम दस्तावेज, नकदी, वाहन और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं.
सुबह 9 बजे शुरू हुआ ऑपरेशन, शाम तक चली कार्रवाई
जानकारी के अनुसार संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह करीब 9 बजे संतोष डॉन के पैतृक गांव खिदरचक समेत कुल 25 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी. यह कार्रवाई लगातार शाम 5:05 बजे तक चली. अचानक हुई इस छापेमारी से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और भू-माफियाओं में खलबली मच गई.
पुलिस छावनी में तब्दील हुआ खिदरचक गांव
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे खिदरचक गांव को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था. बड़ी संख्या में जिला पुलिस बल, STF जवानों और विशेष कमांडो की तैनाती की गई थी. सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए कड़े इंतजाम किए थे.
ड्रोन से हुई हवाई निगरानी
ऑपरेशन के दौरान आधुनिक ड्रोन कैमरों की मदद से पूरे इलाके की निगरानी की गई. सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए थीं ताकि कोई आरोपी फरार न हो सके और कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके.
परिवार के चार सदस्य हिरासत में
घंटों चली तलाशी अभियान के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संतोष डॉन के परिवार के चार सदस्यों को हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए लोगों में उसकी मां ललिता देवी, भाभी रिंकू देवी, चचेरा भाई रवींद्र यादव और भतीजी शामिल हैं. सभी को आगे की पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया है.
छापेमारी में मिले अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत
सूत्रों के अनुसार संतोष डॉन और उसके करीबी नीतीश कुमार के ठिकानों से जमीन कब्जे और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कागजात बरामद हुए हैं. इसके अलावा एक स्कॉर्पियो वाहन, नकदी और कई डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है.
गरीबों की जमीन कब्जाने का आरोप
संतोष डॉन पर नालंदा, पटना और आसपास के जिलों में गरीब और कमजोर लोगों की जमीनों पर फर्जी कागजात के सहारे कब्जा करने के गंभीर आरोप हैं. जांच एजेंसियां अब इन दस्तावेजों के जरिए पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं.
‘पिकु मुखिया’ पर हमले के मामले में भी नाम
कुख्यात अपराधी संतोष डॉन का नाम रहुई के इमामगंज पंचायत के पूर्व मुखिया और वर्तमान पैक्स अध्यक्ष सतीश कुमार उर्फ ‘पिकु मुखिया’ पर हुए जानलेवा हमले में भी सामने आया था. आरोप है कि 3 मार्च को उनकी गाड़ी में टक्कर मारने के बाद हत्या की नीयत से फायरिंग की गई थी.
40 से ज्यादा गंभीर मामलों का आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार संतोष डॉन पर हत्या, रंगदारी, भू-माफियागिरी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े 40 से अधिक मामले दर्ज हैं. लंबे समय से वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के रडार पर था.
बड़े खुलासे की उम्मीद, जांच जारी
फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई और STF की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. पुलिस और जांच एजेंसियां मामले की हर कड़ी को खंगालने में जुटी हुई हैं.
