Bharatnet Scheme: बिहार के गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी को पंचायत भवन से आगे ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है. संशोधित भारतनेट योजना के तहत ग्रामीण परिवारों और सरकारी संस्थानों को सीधे फाइबर नेटवर्क से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच पहले से हुए समझौते में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं. सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है.
साल के अंत तक शुरू हो सकता है नेटवर्क विस्तार
योजना के तहत गांवों में नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी है. उम्मीद है कि 2026 के अंत तक नेटवर्क विस्तार की कवायद शुरू हो जाएगी. संशोधित भारतनेट कार्यक्रम में पुराने नेटवर्क को ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद बनाने के लिए रिंग आधारित नेटवर्क पर जोर दिया गया है. केंद्र की योजना में भी भारतनेट नेटवर्क को रिंग टोपोलॉजी में अपग्रेड करने का प्रावधान है.
नेटवर्क में खराबी आई तो दूसरा रास्ता करेगा मदद
नए नेटवर्क ढांचे की खास बात यह होगी कि इंटरनेट कनेक्शन के लिए एक से ज्यादा रास्ते उपलब्ध रहेंगे. नेटवर्क के किसी एक हिस्से में तकनीकी खराबी आने पर दूसरे रास्ते से सेवा जारी रखने में मदद मिलेगी. इससे गांवों में इंटरनेट सेवा को ज्यादा भरोसेमंद बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है. संशोधित भारतनेट कार्यक्रम में नेटवर्क अपटाइम का लक्ष्य 99 प्रतिशत रखा गया है.
स्कूल से स्वास्थ्य केंद्र तक जुड़ेगा फाइबर
योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों को फाइबर कनेक्शन से जोड़ने की तैयारी है. इसमें स्कूल, पुलिस थाना, आंगनबाड़ी, डाकघर, स्वास्थ्य केंद्र, सहकारी संस्थाएं और कृषि विज्ञान केंद्र शामिल हैं.
भारतनेट के नए स्वरूप में सिर्फ सरकारी संस्थानों तक कनेक्टिविटी पहुंचाने के बजाय फाइबर टू द होम यानी FTTH पर भी जोर दिया जा रहा है. इसका मतलब है कि ग्रामीण परिवारों के घर तक फाइबर इंटरनेट पहुंचाने की दिशा में काम होगा. भारतनेट की आधिकारिक योजना में ग्रामीण घरों, संस्थानों और उद्यमों तक FTTH कनेक्शन बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा गया है.
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पढ़ाई से सरकारी काम तक आसान होगी इंटरनेट पहुंच
घर तक बेहतर इंटरनेट पहुंचने से गांव के लोगों को ऑनलाइन पढ़ाई, सरकारी सेवाओं, स्वास्थ्य से जुड़े ऑनलाइन काम और दूसरे डिजिटल काम करने में सुविधा मिल सकती है. यानी भारतनेट का फोकस अब केवल पंचायत स्तर तक कनेक्टिविटी पहुंचाने से आगे बढ़कर गांव के घरों और संस्थानों तक इंटरनेट की पहुंच मजबूत करने पर है.
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