Bihar Vigilance Bureau Action: बिहार में रिश्वतखोरी के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की. ब्यूरो की टीमों ने तीन अलग-अलग मामलों में तीन सरकारी कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. तीनों कार्रवाई में कुल 45 हजार रुपये की रिश्वत पकड़ी गई. विजिलेंस की टीमों ने शिकायतों के सत्यापन के बाद अलग-अलग जगहों पर जाल बिछाया और रकम लेते ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
जहानाबाद में मनरेगा JE 20 हजार लेते गिरफ्तार
पहली कार्रवाई जहानाबाद सदर प्रखंड में हुई. यहां मनरेगा के जूनियर इंजीनियर अमन कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने शिकायत मिलने के बाद उसका सत्यापन किया. शिकायत सही पाए जाने के बाद टीम ने कार्रवाई की और अमन कुमार को रिश्वत की रकम लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
शेखपुरा DTO कार्यालय में 15 हजार का ट्रैप
दूसरी कार्रवाई शेखपुरा के DTO कार्यालय में हुई. यहां कार्यालय के बड़ा बाबू कुणाल जी को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते निगरानी टीम ने गिरफ्तार किया. टीम ने रिश्वत की रकम लेते ही उन्हें पकड़ लिया. इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
पटना में 10 हजार रुपये लेते पकड़े गए उपेंद्र साह
तीसरी कार्रवाई पटना के गांधी मैदान ट्रैफिक थाना क्षेत्र में जेपी गंगापथ पर हुई. यहां उपेंद्र साह को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया. उपेंद्र साह को जेपी गंगापथ ट्रैफिक थाना से संबद्ध बताया गया है. निगरानी टीम ने कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम बरामद की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
तीनों मामलों में आगे की कार्रवाई जारी
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की तीनों टीमों ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की. तीनों आरोपियों को रिश्वत की रकम लेते ही गिरफ्तार किया गया. अब सभी मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
इसे भी पढ़ें: राशन कार्ड: 1 अक्टूबर से ब्लॉक हो जाएगा इन लोगों का राशन कार्ड, पहले मिलेगा सुधार का मौका
