बिहार में टीचर ट्रांसफर की नई गाइडलाइन जारी, 5 साल की बाध्यता खत्म, जानें क्या-क्या बदला

Bihar Teacher Transfer Rules 2026: बिहार सरकार के शिक्षा विभाग ने राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के तहत नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी कर दी है. इसके तहत अब तबादले की पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल से पूरी होगी. जानिए किसे मिलेगा आवेदन का मौका और क्या हैं प्राथमिकता के नए नियम.

Bihar Teacher Transfer Rules 2026: बिहार के शिक्षा विभाग ने शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 को पूरी तरह लागू करने के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है. विभाग ने साफ किया है कि ट्रांसफर से जुड़ी सारी कार्यवाही सिर्फ ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन होगी. इसके लिए पोर्टल पर विशेष ट्रांसफर मॉड्यूल विकसित किया जा रहा है. किसी अन्य माध्यम से भेजा गया आवेदन या शिकायत स्वीकार नहीं किया जाएगा.

ट्रांसफर के लिए तय हुए ये नए नियम और कट-ऑफ डेट

जारी SOP के अनुसार पहली बार स्थानांतरण आवेदन के लिए 5 साल की न्यूनतम सेवा की शर्त में ढील दी जाएगी. हालांकि प्रोबेशन में कार्य कर रहे शिक्षक या प्रधानाध्यापक तबादले के पात्र नहीं होंगे.

शिक्षकों के अनुभव और सेवा अवधि की गणना के लिए 31 मार्च 2026 को कट-ऑफ डेट माना गया है. वहीं, पिछले दो वर्षों में ट्रांसफर (पारस्परिक सहित) पा चुके शिक्षक भी इस चरण में आवेदन कर सकेंगे.

सरप्लस शिक्षकों की पहचान और विकल्प का फॉर्मूला

स्कूलों में जरूरत से ज्यादा पदस्थापित अधिशेष शिक्षकों की सूची पोर्टल पर जारी की जाएगी. किसी स्कूल में 5 साल या उससे अधिक समय से जमे शिक्षकों को अधिशेष माना जाएगा. ऐसे शिक्षकों को पोर्टल पर कम से कम 30 खाली पदों वाले स्कूलों का विकल्प देना होगा. यदि कोई अधिशेष शिक्षक अंतर-जिला या अंतर-प्रमंडल जाना चाहता है, तो उसे 5-5 जिलों या प्रमंडलों का विकल्प चुनना होगा.

ट्रांसफर प्रक्रिया के चरण और प्राथमिकता

तबादले की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी. सबसे पहले समायोजन (Rationalization) किया जाएगा. इसके बाद पारस्परिक (Mutual) ट्रांसफर के मामलों का निपटारा जिला, प्रमंडल या राज्य स्थापना समिति करेगी. अंत में रिक्त पदों के आधार पर सामान्य स्थानांतरण प्रक्रिया चलाई जाएगी.

यदि एक ही स्कूल के लिए एक से अधिक शिक्षक विकल्प चुनते हैं, तो अंक आधारित अंक प्रणाली (Point Based System) में अधिक अंक पाने वाले शिक्षक को प्राथमिकता दी जाएगी.

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इन शिक्षकों को मिलेगी राहत और पुराने नियम रद्द

जिन शिक्षकों की उम्र 31 मार्च 2026 तक 58 वर्ष पूरी हो चुकी है, उन्हें जबरन दूसरे स्कूल नहीं भेजा जाएगा, जब तक कि वे खुद इसकी इच्छा न जताएं. असाध्य रोग, दिव्यांगता या गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों के मेडिकल सर्टिफिकेट की जांच मेडिकल बोर्ड से कराई जाएगी. इसके अलावा विभाग ने पहले जारी की गई सभी पुरानी गाइडलाइंस और आवेदनों को रद्द कर दिया है.

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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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