Bihar Teacher Transfer: बिहार में सरकारी शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग होने वाली है. इसे लेकर शिक्षा विभाग की ओर से तैयारी कर ली गई है. बिहार के करीब 5.80 लाख शिक्षकों, प्रधान शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों और लाइब्रेरियनों का ट्रांसफर जल्द होगा. जून के अंतिम सप्ताह तक महिला शिक्षकों को उनकी पंचायत की पास वाली पंचायत में ट्रांसफर किया जाएगा.
साथ ही पुरुष शिक्षकों को उनके प्रखंड के पास वाले प्रखंड के किसी भी स्कूल में पदस्थापित कर दिया जाएगा. इसमें शिक्षक और प्रधान शिक्षक भी शामिल होंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 17 जून को कैबिनेट की बैठक में ट्रांसफर नीति को मंजूरी दे दी जाएगी. ऐसा होने पर शिक्षकों के ट्रांसफर का रास्ता साफ हो जाएगा.
शिक्षकों के लिए खोला जाएगा पोर्टल
जानकारी के मुताबिक, शिक्षकों का ट्रांसफर पूरी तरह ऐच्छिक होगा. जो शिक्षक ट्रांसफर नहीं चाहते हैं, वे अपने वर्तमान स्कूल में ही कार्यरत रहेंगे. जो शिक्षक आवेदन करेंगे, केवल उन्हीं के ट्रांसफर पर विचार किया जाएगा. इसके बाद तत्काल ऑनलाइन पोर्टल खोला जायेगा और शिक्षकों से आवेदन लिए जायेंगे. विभाग का लक्ष्य जून के अंत तक पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया संपन्न करने का है.
11 राज्यों की नीति का किया गया स्टडी
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के अनुसार, नई ट्रांसफर नीति तैयार करने से पहले देश के 11 राज्यों की ट्रांसफर नीतियों को लेकर स्टडी और समीक्षा की गई है. इसके आधार पर ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे शिक्षकों के हितों और स्कूलों की जरूरतों के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके.
नई नीति के तहत शिक्षकों का ट्रांसफर विषयवार आवश्यकता को ध्यान में रखकर किया जाएगा. जिन स्कूलों में किसी एक विषय के शिक्षक आवश्यकता से अधिक हैं, वहां से उन्हें उन स्कूलों में भेजा जायेगा जहां उस विषय के शिक्षकों की कमी है.
टीआरई-3, एचटी, एचएम और लाइब्रेरियन भी होंगे शामिल
मंत्री मिथिलेश तिवारी ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में टीआरई-3 के शिक्षक, नियमित शिक्षक, प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक और लाइब्रेरियन भी शामिल होंगे. बिहार में वर्तमान में लगभग 1600 लाइब्रेरियन कार्यरत हैं, जिनका पहली बार व्यापक स्तर पर ट्रांसफर किया जाएगा.
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