बिहार में बंद पड़ी और नई चीनी मिलों को खोलने के लिए सरकार का मास्टर प्लान, गन्ना उद्योग मंत्री ने बताया सबकुछ

Bihar Sugar Mills: बिहार में बंद पड़ी और नई चीनी मिलों को खोलने के लिए सरकार की ओर से प्लान तैयार कर लिया गया है. गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने गन्ने की खेती को बढ़ावा देने की बात कही. इससे किसानों की आय बढ़ने के साथ-साथ चीनी उद्योग को मजबूती भी मिल सकेगी.

Bihar Sugar Mills: 'गन्ना उद्योग विभाग लगातार किसानों के हित में काम कर रहा है. हमारा प्रयास है कि किसानों की आय में बढ़ोतरी हो, रोजगार के नए अवसर पैदा हो और बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू किया जा सके.' यह बातें गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कही.

कमेटी का किया गया गठन

गन्ना उद्योग विभाग और सरकार की ओर से किसानों को खुशहाल बनाने, निवेशकों को बिहार में आकर्षित करने और कम जमीन में अधिक से अधिक गन्ने का उत्पादन करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया. इस कमेटी में गन्ना उद्योग विभाग समेत अलग-अलग विभागों के अधिकारी शामिल हैं.

गन्ना उद्योग मंत्री ने यह भी कहा

मंत्री संजय कुमार ने यह भी कहा, सात निश्चय-3 के तहत गन्ना उद्योग विभाग कई योजनाओं पर काम कर रहा है. मुख्यमंत्री का विजन है कि राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू किया जाए, नई चीनी मिलों की स्थापना हो, किसानों की आय बढ़े और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो. सरकार ने पांच सालों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को पूरा करने में गन्ना उद्योग विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.

पहली बार बिहार में लाई गई मॉडल कॉम्प्लेक्स नीति

बिहार देश का पहला राज्य है, जहां मॉडल कॉम्प्लेक्स नीति लाई गई है. पहले चीनी मिलों में मुख्य रूप से चीनी का उत्पादन होता था, लेकिन अब नई नीति के तहत चीनी उत्पादन के साथ-साथ एथेनॉल, विद्युत उत्पादन, सीबीजी और बायो-आधारित अन्य उद्योगों को भी बढ़ावा दिया जाएगा. इससे निवेश आएगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

किसानों को गन्ने की खेती से जोड़ा जाएगा

सरकार किसानों के बीच जाकर उन्हें ट्रेनिंग और सेमिनार के माध्यम से नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दे रही है. पिछले कुछ समय में जिन किसानों ने गन्ने की खेती से दूरी बना ली थी, उन्हें दोबारा गन्ने की खेती से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

सरकार का लक्ष्य है कि राज्य की 25 बंद या नई प्रस्तावित चीनी मिलों को लेकर काम आगे बढ़ाया जाए. मंत्री ने कहा कि 20 नवंबर को प्रधानमंत्री के हाथों इसकी आधारशिला रखे जाने की योजना है और सरकार अपने वादे को पूरा करने की दिशा में लगातार काम कर रही है.

इन्हें दिया जा रहा अनुदान

मंत्री संजय कुमार ने कहा, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समेत किसानों को अलग-अलग योजनाओं के तहत 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. सरकार के अनुसार, पेराई सत्र 2025-26 में किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा चुका है.

266 एकड़ जमीन पर चीनी मिल लगाने की स्वीकृति

गन्ना उद्योग मंत्री के मुताबिक, मुजफ्फरपुर में बंद चीनी मिल की 266 एकड़ जमीन पर नई चीनी मिल और अन्य उद्योग लगाने की दिशा में स्वीकृति दी गई है. इसके अलावा सासामुसा चीनी मिल से जुड़े किसानों के बकाये भुगतान के लिए भी सरकार ने राशि स्वीकृत की है. सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि गन्ना किसानों की आय बढ़े, चीनी उद्योग को नई मजबूती मिले, बंद पड़ी मिलें दोबारा शुरू हो, नए निवेशक बिहार आएं और गन्ना आधारित उद्योगों के जरिए राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन हो.

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By प्रीति दयाल

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