बिहार में जमीन विवाद सुलझाने का पूरा तरीका बदला, सचिव जय सिंह ने जारी किया निर्देश

Bihar Revenue Court: बिहार के राजस्व न्यायालयों में अब जमीन विवादों की सुनवाई पूरी तरह डिजिटल होगी. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अदालतों में किसी भी तरह का कागजी दस्तावेज या सबूत लेने पर तुरंत रोक लगा दी है. अब सभी जरूरी कागजात सिर्फ RCMS पोर्टल पर ही अपलोड करने होंगे.

Bihar Revenue Court: बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने फैसला किया है कि अब राजस्व न्यायालयों में चल रहे मामलों में आवेदक या विपक्षी से हाथ में कोई भी कागजी सबूत स्वीकार नहीं किया जाएगा. विभाग के सचिव जय सिंह ने इस संबंध में राज्य के सभी कलेक्टर्स, अपर समाहर्ताओं (Additional Collectors), भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (DCLR) और अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश जारी कर दिए हैं.

ऑफलाइन कागजात लेने की शिकायत पर कड़ा रुख

राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (RCMS) को इसलिए बनाया गया था ताकि केस दर्ज होने से लेकर आखिरी फैसले तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो सके. इसके बावजूद विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि कई जगहों पर अधिकारी अभी भी पक्षकारों से सीधे कागज ले रहे हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल के आदेश पर विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए ऑफलाइन दस्तावेज लेने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है. सभी जिला और अंचल स्तर के अधिकारियों को इन नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है.

अब सीधे पोर्टल पर अपलोड करने होंगे सारे सबूत

नए नियमों के मुताबिक, अगर सुनवाई के दौरान कोर्ट को किसी भी अतिरिक्त सबूत या कागज की जरूरत पड़ती है, तो वह पक्षकारों को सिर्फ आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल पर उसे ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश देगा. अदालतें भी केवल पोर्टल पर दिख रहे डिजिटल दस्तावेजों के आधार पर ही मुकदमों का फैसला करेंगी. इस व्यवस्था से सरकारी दफ्तरों में फाइलों और कागजों के साथ होने वाली हेरफेर या विवाद की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो जाएगी.

जनता को मिलेगा बड़ा फायदा और समय की बचत

इस डिजिटल बदलाव से आम जनता को सबसे ज्यादा राहत मिलने वाली है. लोगों को अब अपने केस के कागजात जमा करने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. इससे उनके समय और पैसे दोनों की बचत होगी और सभी रिकॉर्ड्स डिजिटल रूप में हमेशा के लिए सुरक्षित रहेंगे.

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न्यायिक प्रक्रिया पर बढ़ेगा जनता का भरोसा

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि इस ऑनलाइन व्यवस्था का मकसद पूरी न्यायिक प्रणाली को जवाबदेह, पारदर्शी और भ्रष्टाचार से मुक्त बनाना है. उन्होंने साफ किया कि अधिकारियों को अब किसी भी स्तर पर ऑफलाइन कागज लेने की कोई जरूरत नहीं है. नियमों के कड़ाई से लागू होने से आम लोगों को सहूलियत मिलेगी और कोर्ट-कचहरी के फैसलों पर उनका विश्वास और ज्यादा मजबूत होगा.

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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