Bihar Politics: बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की खबरों के बीच राजद के नेता भाई वीरेंद्र ने भाजपा की रणनीति पर सवाल उठाए हैं, बल्कि जेडीयू के भविष्य को लेकर भी बड़ी चेतावनी दे दी. क्या भाजपा अपने सहयोगियों को निगलने की राह पर है? या फिर बिहार को पहली बार भाजपा का अपना मुख्यमंत्री मिलने वाला है?
भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि -फिलहाल जो खबरें चल रही हैं, उन पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी. उनका कहना था कि अगर मुख्यमंत्री इस्तीफा देते हैं, तो उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.
सहयोगियों को किनारे लगाना भाजपा की फितरत
राजद नेता भाई वीरेंद्र ने सीधे तौर पर भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने पांच साल पहले ही इस स्थिति की भविष्यवाणी कर दी थी. उनका दावा है कि भाजपा जहां भी गठबंधन करती है, वहां अपने सहयोगी दलों का अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त कर देती है.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा अपने सहयोगियों को निगलने का काम करती है और आज जेडीयू की भी वही स्थिति हो रही है “
क्या सम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के नए कप्तान ?
सम्राट चौधरी के नाम पर जारी चर्चाओं के बीच भाई वीरेंद्र ने स्पष्ट किया कि भाजपा के पास वर्तमान में संख्या बल है और यह उनका विशेषाधिकार है कि वे किसे मुख्यमंत्री घोषित करते हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अंततः फैसला जनता की अदालत में होगा.
क्या नीतीश कुमार ने किसी दबाव में इस्तीफा देने का मन बनाया है? इस पर भाई वीरेंद्र का कहना है कि इसका सही जवाब तो केवल नीतीश कुमार ही दे सकते हैं.
दबाव की राजनीति और बिहार का भविष्य
बिहार की जनता के मन में अब यह सवाल है कि क्या यह ‘इस्तीफा’ राज्य के विकास के लिए है या केवल सत्ता के समीकरणों को साधने की एक कोशिश.
भाई वीरेंद्र के बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विपक्ष इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा की विस्तारवादी नीति के रूप में देख रहा है.
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