Bihar Politics: राबड़ी आवास खाली करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है. इस बीच आरजेडी नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भड़ास निकाली. अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा, बिहार में सत्ताधारी दल का मानना है कि विपक्ष का काम है, सरकार की हां में हां मिलाना. अगर ऐसा नहीं किया गया तो विपक्ष को टारगेट किया जाता है.
उन्होंने यह भी कहा, सरकार को गरीबी कम करने और कर्जमुक्त करने पर दिमाग लगाना चाहिए था लेकिन ओपोजिशन को टारगेट किया जा रहा है. यह डेमोक्रेसी के लिए अच्छा नहीं है. सरकार दिखा रही है कि अगर तुम चुप नहीं रहे तो तुम्हारा घर ले लेंगे, तुम्हारी सुविधा ले लेंगे. इस तरह से अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भड़ास निकाला. राबड़ी देवी को बंगाल खाली करने का नोटिस मिलने के बाद विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रही है.
सरकार पर लगाया ये आरोप
इतना ही नहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अब्दुल बारी सिद्दीकी ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में मुख्यमंत्री का बंगला प्रधानमंत्री के बंगले से भी बड़ा है. 15 एकड़ से भी अधिक जगह में बंगले का विस्तार किया गया है. इस तरह से उन्होंने सरकार पर आरोप लगाए हैं. राबड़ी आवास को 15 दिनों के अंदर खाली करने का नोटिस भेजा गया है, जिसके बाद से सियासी पारा चढ़ा हुआ है.
तेज प्रताप बोले- पहले पूर्व सीएम खाली करें बंगला
इससे पहले तेज प्रताप यादव ने इस मुद्दे पर स्पष्ट कहा था कि नीतीश कुमार का आवास भी खाली होना चाहिए क्योंकि वे पूर्व सीएम हैं. सबसे पहले उन्हें अपना आवास खाली करना चाहिए. जब पूर्व मुख्यमंत्री आवास खाली कर देंगे तो राबड़ी भी कर देंगी. सरकार उन्हें भी 15 दिन का नोटिस दे.
रोहिणी आचार्य ने साधा था निशाना
साथ ही रोहिणी आचार्य ने भी कहा था कि अगर हिम्मत है तो जबरन बंगला खाली करवाए सरकार. जनहित के ज्वलंत मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजनीतिक प्रतिशोध की राह पर है सम्राट चौधरी की सरकार. पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती राबड़ी देवी जी को आवास से बेदखल करने का तुगलकी फरमान और आवास पर पुलिस भेजना लोकतंत्र नहीं, सत्ता के अहंकार एवं बेजा दबंगई की निशानी है.
