Bihar Police Transfer: बिहार में सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक के करीब 1.31 लाख पुलिसकर्मियों के तबादले को लेकर बदलाव होने जा रहा है. पुलिस मुख्यालय में डीजीपी विनय कुमार की दोनों पुलिस संघों के साथ बैठक हुई. इसमें नई तबादला नीति पर सहमति बन गई है.
नई नीति के लागू होने के बाद हर साल जून में होने वाले बड़े पैमाने पर तबादलों पर रोक लग जाएगी. अब पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर तय समय-चक्र के आधार पर होगा.
जिला, रेंज और जोन का बदला ट्रांसफर चक्र
नई नीति में तबादले की अवधि बढ़ा दी गई है. अब एक जिले से दूसरे जिले में तबादला 5 साल की जगह 6 साल में होगा. रेंज स्तर पर यह अवधि 8 साल से बढ़ाकर 12 साल कर दी गई है. वहीं जोन स्तर पर तबादला अब 10 साल की जगह 18 साल में होगा. इस बदलाव से हर साल जून में होने वाली बड़े पैमाने की पुलिस तबादला प्रक्रिया खत्म हो जाएगी.
1.31 लाख पुलिसकर्मियों को मिलेगा फायदा
नई तबादला नीति का सीधा असर सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के करीब 1.31 लाख पुलिसकर्मियों पर पड़ेगा. बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह और बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरज यादव ने फैसले का स्वागत किया है. दोनों ने इसे पुलिसकर्मियों के लिए बड़ी राहत बताया है. बिहार में फिलहाल 40 पुलिस जिले, 12 रेंज और 4 जोन हैं.
रेंज बदलने पर घर से बहुत दूर नहीं जाना होगा
नई नीति में पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है. रेंज ट्रांसफर होने पर जवानों को उनके गृह जिले से सटे जिलों में ही तैनाती देने की व्यवस्था होगी. यानी जवानों को अपने घर से बहुत दूर भेजने की संभावना कम होगी.
पटना के जवान का ऐसे समझें ट्रांसफर नियम
मान लीजिए पटना का कोई पुलिसकर्मी सेंट्रल रेंज में आता है. इस रेंज में पटना और नालंदा शामिल हैं. अगर वह जवान 12 साल तक सेंट्रल रेंज में तैनात रहता है, तो रेंज बदलने पर उसे गृह जिले के आसपास के जिले में पोस्टिंग देने का प्रावधान होगा. इससे पुलिसकर्मियों को बार-बार दूर-दराज के जिलों में भेजे जाने की समस्या कम हो सकती है.
कैमूर के जवान को किशनगंज भेजने जैसी स्थिति नहीं
अभी कई मामलों में गृह जिले से काफी दूर पोस्टिंग मिल जाती है. उदाहरण के तौर पर कैमूर के रहने वाले किसी जवान की तैनाती रोहतास में है, तो तबादले के बाद उसे किशनगंज या पूर्णिया जैसे दूर के जिले में भेज दिया जाता है. नई नीति के बाद इस तरह की पोस्टिंग पर रोक लगाने की कोशिश होगी. रेंज ट्रांसफर में गृह जिले से सटे जिलों को प्राथमिकता मिलेगी.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
नई तबादला नीति की बड़ी बातें
- 1.31 लाख पुलिसकर्मी दायरे में: सिपाही से इंस्पेक्टर स्तर तक के पुलिसकर्मियों को फायदा मिलेगा.
- जून के बड़े ट्रांसफर पर रोक: हर साल जून में होने वाले बड़े पैमाने के तबादले अब नहीं होंगे.
- जिला ट्रांसफर: अब 6 साल में होगा. पहले यह अवधि 5 साल थी.
- रेंज ट्रांसफर: 12 साल में होगा. पहले 8 साल का नियम था.
- जोन ट्रांसफर: अब 18 साल में होगा. पहले 10 साल में तबादला होता था.
- घर के करीब पोस्टिंग: रेंज बदलने पर गृह जिले से सटे जिलों में तैनाती को प्राथमिकता मिलेगी.
डीजीपी ने जवानों को दिए सतर्क रहने के निर्देश
नई तबादला नीति पर सहमति के साथ डीजीपी विनय कुमार ने पुलिसकर्मियों को भी जरूरी निर्देश दिए हैं. उन्होंने गश्ती और ड्यूटी के दौरान जवानों को पूरी तरह सजग रहने को कहा है. नई नीति से एक तरफ पुलिसकर्मियों को बार-बार होने वाले तबादलों से राहत मिलने की उम्मीद है. वहीं घर से दूर पोस्टिंग की परेशानी भी कम हो सकती है.
Also Read: बिहार में बाढ़: कहीं घट रहा पानी तो कहीं गंगा ने बनाया रिकॉर्ड, जानिए किस जिले में कैसा है हाल
