विजय सिन्हा का अल्टीमेटम-सोमवार से ड्यूटी जॉइन करें, नहीं तो होगी कार्रवाई, जानें क्या है पूरा मामला

Bihar News: सरकार और राजस्व अधिकारियों के बीच जारी टकराव अब निर्णायक मोड़ पर है या तो सोमवार से काम पर वापसी या फिर सख्त प्रशासनिक कदम.

Bihar News: बिहार में राजस्व सेवा अधिकारियों की हड़ताल को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ शब्दों में कहा है कि सोमवार से सभी राजस्व अधिकारी ड्यूटी पर लौटें,अन्यथा कार्रवाई तय है.

उन्होंने यह भरोसा भी दिलाया कि अधिकारियों की मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है और इसके लिए गठित तीन सदस्यीय समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

देर रात भी किया था लौटने का आह्वान

शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पांच फरवरी की रात करीब साढ़े नौ बजे उन्होंने राजस्व सेवा से जुड़े सभी अंचल अधिकारियों और राजस्व अधिकारियों से तत्काल अपने-अपने कार्यस्थल पर लौटने की अपील की थी.

उन्होंने कहा कि सरकार उनकी मांगों के प्रति संवेदनशील है और समाधान की दिशा में बातचीत का रास्ता खुला है. इसका असर यह रहा कि शनिवार को कई जिलों में बड़ी संख्या में अंचल अधिकारियों ने योगदान भी दिया.

तीन सदस्यीय समिति जल्द देगी रिपोर्ट

विजय सिन्हा ने कहा कि राजस्व अधिकारियों के कार्य, अधिकार और दायित्वों की समीक्षा के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति की बैठक शीघ्र होगी. यह समिति विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा. सरकार का दावा है कि समिति की रिपोर्ट के बाद नीतिगत स्तर पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे.

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को प्रधान सचिव सीके अनिल और सचिव जय सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों से स्थिति की समीक्षा करेंगे. इस दौरान यह देखा जाएगा कि किन जिलों में अधिकारी ड्यूटी पर लौट चुके हैं और कहां कामकाज अभी भी प्रभावित है.

अभियान पूरे करने पर सरकार का जोर

राजस्व विभाग के कामकाज को पटरी पर लाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने सभी अंचल अधिकारियों को एग्री स्टैक महाअभियान, ई-मापी और राजस्व महाअभियान को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया है. सरकार का मानना है कि इन अभियानों के अधूरे रहने से आम जनता को सबसे अधिक परेशानी हो रही है.

विजय सिन्हा ने हल्का कर्मचारियों से किसी के बहकावे में नहीं आने और जनता के विश्वास पर खरा उतरने की अपील की. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कृषि मंत्री रहते हुए उन्होंने बेहतर काम करने वाले कृषि समन्वयकों के वेतन में रिकॉर्ड वृद्धि कराई थी. उन्होंने संकेत दिया कि काम और प्रदर्शन के आधार पर हल्का कर्मचारियों को भी ऐसे अवसर मिल सकते हैं.

Also Read: बियोन्ड द ब्लेड सम्मेलन में न्यूरो ऑन्कोलॉजी के आधुनिक इलाज पर मंथन,  डॉक्टरों ने टारगेटेड थैरेपी को पारंपरिक कीमोथेरेपी से बताया बेहतर  

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >