Bihar News : (कंचन कुमार) मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है. भारत सरकार ने राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत टेली मानस (Tele-MANAS) मोबाइल ऐप और टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 की शुरुआत की है. इस सेवा के जरिए लोग घर बैठे विशेषज्ञों से गोपनीय परामर्श प्राप्त कर सकेंगे. इसका उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, प्रभावी और आम लोगों तक पहुंचाना है.
24 घंटे, 7 दिन मिलेगी विशेषज्ञों की सलाह
टेली मानस सेवा सप्ताह के सातों दिन और चौबीसों घंटे उपलब्ध है. यह सुविधा हिंदी और अंग्रेजी समेत 20 भाषाओं में संचालित की जा रही है, जिससे देशभर के लोग अपनी भाषा में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता प्राप्त कर सकें. सरकार का लक्ष्य है कि जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर विशेषज्ञ परामर्श पहुंच सके.
तनाव, डिप्रेशन और चिंता जैसी समस्याओं में मिलेगा सहारा
इस सेवा का लाभ उदासी, तनाव, चिंता, अनिद्रा, परीक्षा का दबाव, पारिवारिक विवाद और रिश्तों में तनाव जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोग उठा सकते हैं. इसके अलावा आत्महत्या के विचार, नशे की लत, स्मृति संबंधी परेशानियां और आर्थिक तनाव जैसी गंभीर परिस्थितियों में भी विशेषज्ञों की सलाह उपलब्ध होगी। इससे समय रहते सही मार्गदर्शन और सहायता मिल सकेगी.
Tele-MANAS App में Self-Care और Wellness Modules की सुविधा
टेली मानस ऐप में मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए सेल्फ-केयर सामग्री और वेलनेस मॉड्यूल भी उपलब्ध कराए गए हैं. उपयोगकर्ता इन संसाधनों की मदद से अपनी मानसिक स्थिति को समझ सकते हैं और उसे बेहतर बनाने के उपाय सीख सकते हैं. इससे शुरुआती स्तर पर ही मानसिक समस्याओं की पहचान और समाधान संभव हो सकेगा.
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और प्रतिस्पर्धा के दौर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है. टेली मानस ऐप और 14416 हेल्पलाइन लोगों को आसान, सुरक्षित और गोपनीय परामर्श उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. यह पहल मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा विशेष लाभ
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह सेवा खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी साबित होगी, जो मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों तक आसानी से नहीं पहुंच पाते. मोबाइल ऐप और हेल्पलाइन के माध्यम से अब दूरदराज क्षेत्रों के लोग भी बिना किसी झिझक के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सलाह और सहायता प्राप्त कर सकेंगे.
