Bihar News: बिहार के चर्चित ठेकेदार रिशु श्री की गिरफ्तारी के बाद टेंडर घोटाले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है. विशेष निगरानी इकाई (SVU) अब वर्ष 2018 से 2024 तक हुए बड़े सरकारी ठेकों की गहन जांच करने जा रही है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर कई अफसरों, कंपनियों और प्रभावशाली लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है.
7 साल के टेंडरों की खुलेगी पूरी फाइल
सूत्रों के अनुसार, SVU अब पिछले सात वर्षों के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों में जारी किए गए बड़े टेंडरों की जांच करेगी. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि रिशु श्री का किन-किन परियोजनाओं और कंपनियों से संबंध रहा तथा किस तरह सरकारी ठेकों में कथित तौर पर सांठगांठ की गई.
IAS अधिकारियों पर भी बढ़ी कार्रवाई की आंच
रिशु श्री से कथित संबंधों के आरोप में दो IAS अधिकारियों अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है. अब दोनों अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी चल रही है. जांच एजेंसियां इनके कार्यकाल के दौरान हुए निर्णयों और टेंडर आवंटनों की भी समीक्षा कर रही हैं.
बुडको से जुड़े 15 कंपनियों की जांच तेज
एसवीयू की जांच का सबसे अहम केंद्र बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड Development Corporation Limited) है. ईडी ने पिछले वर्ष बुडको से ठेके प्राप्त करने वाली 15 संदिग्ध कंपनियों का पूरा ब्योरा मांगा था. अब इन कंपनियों को मिले सभी टेंडरों, उनकी पात्रता और चयन प्रक्रिया की विस्तार से जांच की जा रही है.
क्या बेनामी कंपनियों के जरिए खेला गया खेल?
जांच एजेंसियों को संदेह है कि कुछ कंपनियां रिशु श्री के करीबी लोगों या कर्मचारियों के नाम पर बनाई गई हो सकती हैं. इसी वजह से इन कंपनियों के वास्तविक मालिकों, वित्तीय लेनदेन और सरकारी विभागों में मिली परियोजनाओं की गहन पड़ताल की जा रही है.
अभी तक नहीं आया कोई नया नाम सामने
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल जांच ईडी की रिपोर्ट पर आधारित है और इसी दायरे में आगे बढ़ रही है. अब तक किसी नए अधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति का नाम आधिकारिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच जारी है.
कोर्ट का आदेश: रिशु श्री को मिले बेहतर इलाज
इस बीच निगरानी अदालत ने बेऊर जेल प्रशासन को निर्देश दिया है कि जेल में बंद रिशु श्री को समुचित चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. रिशु के वकील ने अदालत में दावा किया था कि उनकी तबीयत लंबे समय से खराब है और उन्हें विशेष चिकित्सा की आवश्यकता है.
जेल प्रशासन ने दी स्थिति पर सफाई
सरकारी पक्ष ने अदालत को बताया कि बेऊर जेल में चिकित्सकों की टीम मौजूद है और लगातार स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है. यदि चिकित्सकीय स्थिति गंभीर पाई जाती है तो डॉक्टरों की अनुशंसा पर उन्हें बाहर इलाज के लिए भेजा जा सकता है.
20 लाख रुपये ट्रांसफर का नया खुलासा
ED की जांच में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है. एजेंसी के अनुसार, एक महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के मामले में कथित तौर पर 20 लाख रुपये का भुगतान किया गया था. जांच में इस राशि के लेनदेन और उसके उद्देश्य की पड़ताल की जा रही है.
कंपनी से खाते तक और फिर पीड़िता तक पहुंची रकम
ED के मुताबिक, रिशु श्री से जुड़ी कंपनी मेसर्स रिलायबल इंका सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (M/s Reliable Inka Services Private Limited) से पहले 20 लाख रुपये सुनील कुमार सिन्हा के खाते में भेजे गए. इसके बाद वही राशि संबंधित महिला के खाते में ट्रांसफर की गई. एजेंसियां अब इस पूरे वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं.
आने वाले दिनों में हो सकते हैं बड़े खुलासे
जांच की रफ्तार और दस्तावेजों की पड़ताल को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं. टेंडर आवंटन से लेकर कथित वित्तीय नेटवर्क तक, जांच एजेंसियां हर पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं.
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