पीएम गतिशक्ति योजना से बदलेगा बिहार का हवाई नक्शा, सुल्तानगंज बनेगा नया हब

Bihar News: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पीएम गतिशक्ति के तहत बिहार के एयरपोर्टों को रेल, सड़क और जल परिवहन से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है. इस योजना का उद्देश्य राज्य में माल ढुलाई को तेज करना, आपातकालीन विमान सेवाओं को मजबूत बनाना और हवाई पट्टियों को लॉजिस्टिक हब में बदलना है.

Bihar News: बिहार के एयरपोर्ट अब सिर्फ उड़ान नहीं, माल ढुलाई और आपदा राहत के केंद्र भी बनेंगे. बिहार के एयरपोर्ट सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर माल ढुलाई (कार्गो) के लिए भी इस्तेमाल होंगे.

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ‘पीएम गति शक्ति योजना’ के तहत बिहार के सभी एयरपोर्ट्स को जोड़ने का मेगा प्लान तैयार किया है. इस योजना के बाद बिहार की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान मिलने वाली है.

हवाई अड्डों को रेलवे और जलमार्ग से जोड़ने की तैयारी

देश में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में अब बिहार भी तेजी से कदम बढ़ा रहा है. केंद्र सरकार की योजना के तहत राज्य के एयरपोर्ट को रेलवे और जल परिवहन से जोड़कर एकीकृत माल ढुलाई प्रणाली विकसित की जा रही है. इस पहल से कृषि उत्पादों, औद्योगिक सामान और ई-कॉमर्स की डिलीवरी तेज होने के साथ लागत भी कम होने की उम्मीद है.

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के निर्देश पर जिलों से एयरपोर्ट के आसपास के रेलवे ढांचे की रिपोर्ट मांगी गई है. योजना है कि नजदीकी रेलवे स्टेशनों को इस तरह विकसित किया जाए कि ट्रेन से आने वाला माल सीधे विमान तक पहुंच सके. इससे राज्य के निर्यात और व्यापार को नई गति मिलने की संभावना है.

एयरपोर्ट पर अतिरिक्त रनवे की तलाश

राज्य के प्रमुख एयरपोर्ट जैसे पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया में अतिरिक्त रनवे या हेलीपैड बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. अधिकारियों का मानना है कि इससे आपदा के समय राहत सामग्री की आपूर्ति, मरीजों की एयरलिफ्टिंग और वैकल्पिक उड़ानों का संचालन अधिक आसान होगा.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत एयरपोर्ट के आसपास के रेलवे स्टेशनों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा. साथ ही जिन जिलों में जल परिवहन मौजूद है या आरओ-आरओ टर्मिनल बनने की संभावना है, वहां से एयरपोर्ट की दूरी और कनेक्टिविटी का मानचित्र तैयार किया जा रहा है.

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का विस्तार

नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए सुल्तानगंज को संभावित स्थान माना जा रहा है, जबकि भागलपुर, मुंगेर, रक्सौल, बेगूसराय और मुजफ्फरपुर जैसे शहरों में हवाई ढांचे के विस्तार पर विचार चल रहा है. मौजूदा एयरपोर्ट पर अतिरिक्त रनवे या हेलीपैड विकसित कर आपातकालीन संचालन को सक्षम बनाने की तैयारी भी की जा रही है.

सिविल विमानन विभाग ने जिलों से रनवे, हेलीपैड और ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुसार ढांचा विकसित किया जा सके.

जलमार्ग, रेल और विमान से बनेगा एकीकृत परिवहन मॉडल

सरकारी अधिकारियों का मानना है कि जहाज, ट्रेन और विमान को एक ही नेटवर्क से जोड़ने का यह मॉडल बिहार में व्यापार, उद्योग और कृषि आपूर्ति श्रृंखला को नई गति देगा. पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत हेलीपैड डेटा की मैपिंग भी शुरू हो चुकी है.

यदि यह योजना समय पर लागू होती है, तो बिहार केवल यात्रियों के लिए नहीं बल्कि पूर्वी भारत के एक उभरते कार्गो केंद्र के रूप में भी पहचान बना सकता है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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