पटना के पास बनेगी बेंगलुरु जैसी इलेक्ट्रॉनिक सिटी, 1 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार

Bihar News: बिहार सरकार अब राज्य के युवाओं को आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में बड़े अवसर देने के लिए राजधानी पटना के करीब 'बेंगलुरु मॉडल' पर एक भव्य इलेक्ट्रॉनिक सिटी बसाने की योजना बना रही है. यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट न केवल बिहार के प्रतिभाओं को घर वापस लाएगा, बल्कि देशभर की दिग्गज टेक कंपनियों के लिए भी नया ठिकाना बनेगा.

Bihar News: बिहार में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार पटना के आसपास बेंगलुरु की तर्ज पर इलेक्ट्रॉनिक सिटी विकसित करने की योजना बना रही है.

इस परियोजना के जरिए देश की बड़ी टेक कंपनियों को बिहार में निवेश के लिए आकर्षित करने की कोशिश होगी. अनुमान है कि इस सिटी के बनने से करीब एक लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है.

बेंगलुरु मॉडल का अध्ययन करेगी बिहार सरकार

बिहार के उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के निर्देश पर उद्योग सचिव कुंदन कुमार और वरिष्ठ अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय दल बेंगलुरु पहुंच चुकी है. यह टीम वहां की इलेक्ट्रॉनिक सिटी का अध्ययन करेगी और उसके आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी. रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार आगे की कार्ययोजना तय करेगी.

यह टीम वहां के 800 एकड़ में फैले इलेक्ट्रॉनिक सिटी की कार्यप्रणाली, इंफ्रास्ट्रक्चर और वहां काम कर रही इंफोसिस, विप्रो और टीसीएस जैसी 200 से अधिक कंपनियों के इकोसिस्टम का बारीकी से अध्ययन करेगी. टीम की रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार अपनी कार्ययोजना को अंतिम रूप देगी, ताकि पटना के पास एक विश्वस्तरीय आईटी हब विकसित किया जा सके.

पटना के पास विकसित होगी नई टेक सिटी

राज्य सरकार की योजना है कि इलेक्ट्रॉनिक सिटी को पटना के आसपास विकसित किया जाए. इससे राजधानी के आसपास उद्योगों का नया क्लस्टर तैयार होगा. सरकार पहले से ही पटना के पास फिनटेक सिटी, लॉजिस्टिक पार्क और एजुकेशन सिटी विकसित करने की योजना पर काम कर रही है. अब इलेक्ट्रॉनिक सिटी को भी इसी विकास श्रृंखला का हिस्सा बनाया जा रहा है.

इलेक्ट्रॉनिक सिटी में बनेंगे हाईटेक प्रोडक्ट

प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक सिटी में ट्रांजिस्टर, डायोड, माइक्रोप्रोसेसर और इंटीग्रेटेड सर्किट जैसे मूल इलेक्ट्रॉनिक घटकों के निर्माण पर फोकस रहेगा. इसके अलावा कंप्यूटर, मोबाइल फोन, टेलीविजन, स्मार्ट टीवी, लैपटॉप, डिजिटल कैमरा और अन्य उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण की भी संभावना होगी.

बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक सिटी देश का प्रमुख आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स औद्योगिक केंद्र मानी जाती है. बिहार सरकार इसी मॉडल से प्रेरणा लेकर राज्य में भी एक बड़ा टेक और इलेक्ट्रॉनिक्स हब विकसित करना चाहती है, जो आने वाले समय में उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बन सकता है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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