बिहार में फिल्म बनाना होगा आसान, शूटिंग से प्रचार तक सरकार खुद संभालेगी पूरी व्यवस्था

Bihar New Film Industry: बिहार में फिल्म बनाने वालों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है. सरकार जल्द एक ऐसी व्यवस्था शुरू करेगी, जिसमें शूटिंग के लिए अलग-अलग विभागों से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी. फिल्म निगम सभी जरूरी मंजूरी दिलाएगा. बिहार में अब तक 59 फिल्मों को शूटिंग की अनुमति मिल चुकी है.

Bihar New Film Industry: बिहार में फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है. इसके तहत फिल्म बनाने वालों को शूटिंग से लेकर प्रचार तक के काम के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने होंगे.

फिल्म निर्माताओं को सिर्फ फिल्म निगम से संपर्क करना होगा. इसके बाद जरूरी मंजूरी और दूसरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी फिल्म निगम संभालेगा. इसके लिए सभी संबंधित विभागों से जरूरी अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए जाएंगे. जानकारी के अनुसार, यह नई व्यवस्था दो से तीन सप्ताह में शुरू हो सकती है.

अभी फिल्म निर्माताओं को क्यों करनी पड़ती है भागदौड़

फिलहाल बिहार में फिल्म की शूटिंग के लिए कई तरह की मंजूरी लेनी पड़ती है. अलग-अलग जगहों पर शूटिंग के लिए अलग विभागों से संपर्क करना पड़ता है. इस वजह से फिल्म बनाने वालों का काफी समय निकल जाता है और शूटिंग में देरी भी होती है.

मिसाल के तौर पर अगर किसी फिल्म की शूटिंग वाल्मीकिनगर में करनी है, तो पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से मंजूरी लेनी पड़ती है. पूरी प्रक्रिया में फिल्म निर्माताओं को काफी परेशानी होती है. नई व्यवस्था में सरकार खुद इन मंजूरियों का काम संभालेगी.

बिहार में 59 फिल्मों की शूटिंग को मिल चुकी मंजूरी

बिहार में अब तक 59 फिल्मों की शूटिंग के लिए अनुमति दी जा चुकी है. जिन फिल्मों की 70 प्रतिशत से ज्यादा शूटिंग बिहार में हुई है, उन्हें सरकार की ओर से अनुदान देने की प्रक्रिया भी चल रही है.

नई व्यवस्था शुरू होने के बाद सरकार को उम्मीद है कि बिहार में और ज्यादा फिल्मों की शूटिंग होगी. इससे राज्य के फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए मौके भी बन सकते हैं.

पटना फिल्म वालों की पहली पसंद बन रहा

बिहार के कई हिस्सों में फिल्मों की शूटिंग हो रही है. पटना के अलावा वाल्मीकिनगर, गोपालगंज, छपरा, राजगीर और गया में भी फिल्में शूट की जा रही हैं.

इनमें पटना फिल्म बनाने वालों को सबसे ज्यादा पसंद आ रहा है. यहां की भीड़ और शहर का माहौल फिल्मों के लिए आकर्षण बन रहा है. हिंदी और भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग पटना के गांधी मैदान, पटना जंक्शन, डाक बंगला और मेरिन ड्राइव के आसपास भी हुई है.

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एक जगह से मिलेगी सभी जरूरी मंजूरी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद फिल्म निर्माताओं को किसी जगह शूटिंग के लिए अलग-अलग विभागों में जाने की जरूरत नहीं होगी. फिल्म निगम सभी जरूरी मंजूरी लेने का काम करेगा.

इससे फिल्म बनाने वालों का समय बचेगा और शूटिंग शुरू करने में होने वाली देरी भी कम होगी. सरकार का मकसद बिहार में फिल्म बनाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है.

सरकार को उम्मीद, बढ़ेंगे रोजगार के मौके

कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने कहा कि बिहार में फिल्म की शूटिंग करने वाले निर्माता और निर्देशक अब जरूरी मंजूरी के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर नहीं लगाएंगे.

उन्होंने कहा कि कला एवं संस्कृति विभाग अलग-अलग विभागों से जरूरी मंजूरी लेकर फिल्म बनाने वालों को पूरी मदद देगा. इसके बाद निर्माता अपनी पसंद की जगह पर शूटिंग कर सकेंगे.

सरकार का मानना है कि इससे बिहार में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए मौके पैदा होंगे.

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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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