बेंगलुरु में बिहार महोत्सव शुरू: CM सम्राट चौधरी बोले- कर्मभूमि के साथ जन्मभूमि के लिए भी करें काम

बेंगलुरु में बिहार महोत्सव-2026 का उद्घाटन हुआ, जहाँ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रवासी बिहारियों से अपनी जन्मभूमि बिहार के विकास में योगदान देने की अपील की. इस दौरान उन्होंने 31 दिसंबर 2028 तक मां सीता के भव्य मंदिर निर्माण की घोषणा भी की.

Bihar Mahotsav 2026: बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग के प्रांगण में गुरुवार को चार दिवसीय बिहार महोत्सव-2026 का शुभारंभ हुआ. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर महोत्सव का उद्घाटन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों से अपनी कर्मभूमि के साथ जन्मभूमि बिहार के विकास और समृद्धि में भी योगदान देने की अपील की.

बिहार ने दुनिया को ज्ञान, करुणा और अहिंसा का संदेश दिया

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ने सदियों से देश और दुनिया को ज्ञान, करुणा, दर्शन और अहिंसा का संदेश दिया है. भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु गोविंद सिंह और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों से बिहार की धरती का गौरव जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि बिहार को विकास और समृद्धि के नये दौर में आगे ले जाने के लिए बाहर रहने वाले बिहारियों का सहयोग भी जरूरी है.

31 दिसंबर 2028 तक बनेगा मां सीता का भव्य मंदिर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ऐतिहासिक और गौरवशाली धरती है. पाटलिपुत्र इसकी ऐतिहासिक राजधानी रही है. उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में, 31 दिसंबर 2028 तक बिहार में मां सीता का भव्य मंदिर स्थापित किया जायेगा.

6 हजार करोड़ से 3.17 लाख करोड़ रुपये का हुआ बजट

बिहार की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 27 वर्ष पहले जब वे बिहार विधानसभा के सदस्य बने थे, उस समय राज्य का बजट लगभग छह हजार करोड़ रुपये था. झारखंड के अलग होने के बाद बिहार के संसाधन सीमित थे. इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में बिहार ने विकास की लंबी यात्रा तय की.

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने 3.17 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था. यह बिहार की बदलती आर्थिक स्थिति और विकास की गति का प्रमाण है.

44 लाख हेक्टेयर भूमि तक पहुंचा सिंचाई का दायरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सिंचाई के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है. पहले करीब 21 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब बढ़कर लगभग 44 लाख हेक्टेयर हो गयी है. सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 से पहले राज्य में 70 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाये.

उन्होंने कहा कि बिहार के लोग देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर अपनी मेहनत और प्रतिभा से विकास में योगदान दे रहे हैं. बेंगलुरु जैसे शहरों में भी बड़ी संख्या में बिहारी काम कर रहे हैं. उन्होंने प्रवासी बिहारियों से अपील की कि वे अपनी कर्मभूमि में आगे बढ़ते रहें और बिहार के विकास में भी योगदान दें.

एआई के माध्यम से सुशासन को मजबूत करने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है. कंप्यूटर, इंटरनेट और सोशल मीडिया की तरह एआई भी आने वाले समय में शासन और जनसेवा को प्रभावी बनाएगा. बिहार में भी एआई आधारित व्यवस्था के माध्यम से सुशासन को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है.

उन्होंने बिहार सरकार के सहयोग कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए ऐसी व्यवस्था बनायी गयी है, जिसमें आवेदन के बाद निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई होती है. उन्होंने कहा कि 30 दिनों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का आदेश स्वतः जारी हो जाता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को संतुष्ट रखना, उसकी सुविधा बढ़ाना और उसे न्याय दिलाना ही लोकतांत्रिक शासन का मूल उद्देश्य है. इसी सोच के साथ वे प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को लोगों की शिकायतों की समीक्षा करते हैं.

श्री श्री रविशंकर ने बताया राष्ट्रीय एकता का माध्यम

आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने बिहार महोत्सव की सराहना करते हुए कहा कि इसमें देश की विविधता को प्रदर्शित किया गया है. बिहार के विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल भी लगाये गये हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से राष्ट्रीय एकता का भाव जागेगा और देश के लोग आपस में जुड़कर रहेंगे. उन्होंने मधुबनी कला की भी प्रशंसा की.

श्री श्री रविशंकर के साथ सम्राट चौधरी

बिहार के व्यंजन और मधुबनी पेंटिंग के स्टॉल का किया अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग प्रांगण में लगे बिहार के व्यंजन, मधुबनी पेंटिंग सहित अन्य स्टॉलों का अवलोकन किया. इससे पहले उन्होंने गौशाला और आश्रम स्थित गुरुकुल का भ्रमण किया. गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना कर बिहारवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की.

मुख्यमंत्री ने पाग और अंगवस्त्र भेंटकर श्री श्री रविशंकर का स्वागत किया. श्री श्री रविशंकर ने भी अंगवस्त्र भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया.

मुख्यमंत्री ने श्री श्री रविशंकर के प्रति जताया आभार

पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के लिए यह खुशी का दिन है कि श्री श्री रविशंकर के आर्ट ऑफ लिविंग के प्रांगण में बिहार महोत्सव-2026 का आयोजन हो रहा है. उन्होंने श्री श्री रविशंकर के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने बिहारवासियों को यहां स्थान दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री श्री रविशंकर पूरे बिहार की समृद्धि का रास्ता खोलना चाहते हैं और उनके माध्यम से लोगों को शांति की अनुभूति हो रही है.

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लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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