दुल्हन दिखाकर बुलाया, शादी कराई और फिर पीटकर भगाया; बिहार के ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग का झारखंड में खुलासा

शादी के नाम पर ठगी और फर्जी शादी कराने वाले कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है. आरोप है कि गिरोह पहले शादी के लिए दुल्हन की तस्वीर दिखाकर परिवार को झांसे में लेता था, फिर राजस्थान से परिवार को बुलाकर खरीदारी करवाता और शादी की रस्में पूरी कराता था. इसके बाद विवाद खड़ा कर परिवार के साथ मारपीट कर उन्हें भगा दिया जाता था.

Bihar Lootere Dulhan Gang: शादी का रिश्ता, बिहारआने का न्योता और फिर शादी की रस्म... लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह एक सोची-समझी धोखाधड़ी का हिस्सा निकला. पुलिस ने शादी के बहाने परिवारों को जाल में फंसाने वाले कथित ‘रॉबर ब्राइड’ यानी ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग के 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, यह गैंग शादी का प्रस्ताव देकर परिवारों को अपने जाल में फंसाता था. इसके बाद शादी की खरीदारी के नाम पर उन्हें गहने और कपड़े खरीदने के लिए ले जाया जाता था. फिर किसी गांव में ले जाकर शादी की फर्जी रस्में पूरी कराई जाती थीं और इसके बाद लड़का पक्ष के साथ मारपीट कर उन्हें वहां से भगा दिया जाता था.

पुलिस के मुताबिक, बिहार के गोपालगंज में भी कुछ दिन पहले ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग से जुड़ा एक मामला सामने आया था. ताजा मामला झारखंड के धनबाद का है, जहां राजस्थान के एक परिवार को शादी का प्रस्ताव देकर बुलाया गया. आरोप है कि शादी के नाम पर परिवार से खरीदारी कराई गई, फिर गांव ले जाकर फर्जी शादी की रस्म पूरी कराई गई और बाद में उनके साथ मारपीट की गई. पुलिस ने इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से शादी के लिए खरीदे गए कपड़े, गहने और अन्य सामान बरामद किए गए हैं.

शादी के प्रस्ताव के बहाने राजस्थान से बुलाया

मामला 7 सितंबर की देर रात सामने आया, जब राजस्थान निवासी रमेश नट ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के मुताबिक, 3 सितंबर को सपना नाम की एक महिला ने रमेश से संपर्क किया था. उसने उनके भतीजे के लिए शादी का रिश्ता बताते हुए दो युवतियों की तस्वीरें भेजीं. बातचीत आगे बढ़ने के बाद रिश्ता तय करने के सिलसिले में रमेश अपने भाई, भतीजे इकबाल और भाभी के साथ राजस्थान से झारखंड के धनबाद पहुंचे. परिवार को उस वक्त इस बात का अंदाजा नहीं था कि शादी का प्रस्ताव कथित तौर पर एक बड़े जाल का हिस्सा है.

बिहार से जुड़ी अन्य ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें..

शादी की खरीदारी कराई, गांव ले जाकर कराई रस्म

पुलिस के अनुसार, धनबाद पहुंचने के बाद आरोपियों ने शादी की तैयारियों के नाम पर परिवार को खरीदारी के लिए ले जाने का नाटक किया. परिवार से शादी के लिए कपड़े, गहने और दूसरी चीजें खरीदवाई गईं. इसके बाद उन्हें धनबाद के एक गांव में ले जाया गया, जहां शादी की रस्म पूरी कराई गई. इसी दौरान महिला के माथे पर सिंदूर भी लगाया गया.

रस्म पूरी होने के बाद आरोपियों ने दूल्हे के परिवार को खाना खाने के लिए अपने घर चलने को कहा. परिवार ने जब वहां जाने में हिचकिचाहट दिखाई तो विवाद शुरू हो गया. शिकायत के अनुसार, इसके बाद आरोपियों ने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की और उन्हें वहां से भगा दिया. घटना के बाद पीड़ित परिवार पुलिस के पास पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की.

मोबाइल नंबर और लोकेशन से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू की. बरवाअड्डा पुलिस के अनुसार, जांच टीम ने मोबाइल नंबर और फोन लोकेशन डेटा की मदद से आरोपियों की पहचान और उनके ठिकानों का पता लगाया. तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उनके पास से शादी के लिए खरीदे गए कपड़े, गहने और अन्य सामान भी बरामद किए हैं.

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय दास, राजेश कुमार, मंतोष साव, सुमन विश्वकर्मा, चंदन शर्मा, नीलम देवी, पूजा कुमारी, मकरी देवी, विशु यादव और राजेंद्र साव के रूप में हुई है.

गैंग में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल

झारखंड पुलिस के मुताबिक, कथित गैंग में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल थीं. ये लोग शादी के लिए रिश्ता तलाश रहे परिवारों को निशाना बनाते थे. पहले शादी का प्रस्ताव देकर परिवार का भरोसा जीता जाता था. इसके बाद उन्हें बुलाकर शादी की तैयारी और खरीदारी के नाम पर पैसे खर्च करवाए जाते थे. पुलिस का आरोप है कि इसके बाद परिवार को किसी गांव में ले जाकर शादी की रस्म पूरी कराई जाती थी. रस्म के बाद विवाद खड़ा कर परिवार के साथ मारपीट की जाती और उन्हें वहां से भगा दिया जाता था.

पुराने मामलों की भी जांच कर रही पुलिस

पुलिस अब इस कथित गैंग की पिछली गतिविधियों और उसके नेटवर्क की जांच कर रही है. जांच एजेंसियों को आशंका है कि गिरोह ने शादी के नाम पर धोखाधड़ी के ऐसे और भी मामले किए हो सकते हैं. हालांकि, इन मामलों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है. पुलिस उन अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है, जिनके इस कथित नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है. फिलहाल धनबाद मामले में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और गैंग के कथित नेटवर्क तथा उसकी पुरानी गतिविधियों की जांच जारी है.

Also Read : बिहार: मधुबनी के सरकारी स्कूल में आर्केस्ट्रा, डांसर के हाथ में दिखी पिस्तौल; वीडियो वायरल

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeshkumar Ojha

Senior Journalist with more than 20 years of experience in reporting for Print & Digital.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >