ऑक्सीजन और दवा की कालाबाजारी पर बिहार सरकार हुई सख्त, अब मजिस्ट्रेट रखेंगे अस्पतालों पर नजर

मरीजों के इलाज की व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए तीन-चार अस्पतालों पर एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है. कोविड संक्रमित लोगों का इलाज फिलहाल 51 निजी अस्पतालों में किया जा रहा है. इसके लिए 13 मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगायी गयी है और उनसे रिपोर्ट भी मांगा जा रहा है.

पटना. मरीजों के इलाज की व्यवस्था पर निगरानी रखने के लिए तीन-चार अस्पतालों पर एक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है. कोविड संक्रमित लोगों का इलाज फिलहाल 51 निजी अस्पतालों में किया जा रहा है. इसके लिए 13 मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगायी गयी है और उनसे रिपोर्ट भी मांगा जा रहा है.

यह व्यवस्था जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह के निर्देश पर मंगलवार को कर दी गयी. इसके साथ ही जिलाधिकारी ने एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा व अन्य अधिकारियों के साथ नाइट कर्फ्यू के प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित कराने और कोविड संक्रमण की रोकथाम व बचाव को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की.

इस दौरान जिलाधिकारी ने निजी अस्पतालों में तैनात किये गये तमाम मजिस्ट्रेटों को उनके कार्य व दायित्व की भी जानकारी दी. जिलाधिकारी ने अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर की उपलब्धता की भी समीक्षा की और पाया कि अब आपूर्ति निरंतर बेहतर व सामान्य होती जा रही है.

एक दिन में 5358 सिलिंडर की आपूर्ति अस्पतालों में की गयी है और तीनों उत्पादन इकाई को मंगलवार को एक-एक टैंकर लिक्विड ऑक्सीजन उपलब्ध कराया गया है. जिलाधिकारी ने प्लांट को लगातार चालू रखने व तीन पाली में कर्मियों की ड्यूटी लगाने को कहा.

Posted by Ashish Jha

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By Prabhat Khabar News Desk

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