Bihar Government: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए अब ज्यादा इंतजार करने की जरुरत नहीं पड़ेगी. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की तरफ से यह फैसला लिया गया है कि हर सदर अनुमंडल में दो डीसीएलआर तैनात रहेंगे. विभाग के इस फैसले से लोगों को काफी सहूलियत मिल सकेगी.
इतने डीसीएलआर की होगी तैनाती
जानकारी के मुताबिक, बिहार के 101 अनुमंडलों में टोटल 139 डीसीएलआर की तैनाती की जाएगी. सभी 38 जिला मुख्यालय वाले सदर अनुमंडलों में दो-दो डीसीएलआर होंगे. सरकार की इस व्यवस्था से डीसीएलआर कार्यालय और कोर्ट दोनों जगह के पेंडिंग मामलों का निपटारा किया जा सकेगा. परिमार्जन, जमीन मापी, दाखिल-खारिज समेत अन्य जमीन से जुड़े विवाद का समाधान किया जा सकेगा.
अभी क्या झेलनी पड़ है परेशानी?
अभी की बात करें तो, डीसीएलआर कोर्ट जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है. इसके साथ ही परेशानी बड़े या फिर अधिक आबादी वाले अनुमंडलों में ज्यादा झेलना पड़ रहा है, जहां मामलों का दबाव ज्यादा है. इसके समाधान के लिए पहले दो-दो डीसीएलआर की तैनाती की जाएगी.
लोगों को कैसे मिल सकेगा फायदा?
सरकार के इस फैसले से लोगों को राहत मिल सकेगी. उन्हें जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. साथ ही समय पर समस्याओं के निपटारे से कानून-व्यवस्था में भी सुधार की संभावना जताई जा रही है. इतना ही नहीं, अगर कोई भी व्यक्ति अंचलाधिकारी के फैसले से संतुष्ट नहीं होता है तो वह डीसीएलआर कोर्ट में अपील भी कर सकता है. इस तरह से नई व्यवस्था से लोगों को फायदा हो सकेगा.
