बिहार के लाखों गरीब परिवारों की बदलेगी तस्वीर, सरकार खर्च करेगी 1407 करोड़ रुपये

Bihar Government: बिहार सरकार ने ग्रामीण गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया है. जीविका कार्यक्रम के तहत गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को कौशल विकास, रोजगार और आय बढ़ाने के अवसर दिए जाएंगे. इस योजना पर 1407.15 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे हजारों परिवारों को आत्मनिर्भर बनने और बेहतर जीवन जीने में मदद मिलेगी.

पटना से मनोज कुमार की रिपोर्ट
Bihar Government:
बिहार के ग्रामीण इलाकों में गरीबी रेखा से नीचे गुजर-बसर करने वाले गरीब परिवारों की जीविका बढ़ाने पर राज्य सरकार ने पहल शुरू की है. जीविका के माध्यम से कार्यक्रम चलाकर इन परिवारों की जीविका बढ़ाने और रोजगार पाने योग्य कुशल बनाने का काम किया जाएगा. इस काम के लिए राज्य सरकार 14 अरब 7 करोड़ और 15 लाख रुपये खर्च करेगी.

ग्रामीण विकास विभाग की ओर ये राशि स्वीकृत कर दी गई है. इसमें 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार देती है. राज्य के सभी जिलों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप फंड का आवंटन किया गया है. पूर्वी चंपारण को 6,636.90, गया को 5,899.47, पटना को 5,653.66, मधुबनी को 5,162.03, मुजफ्फरपुर को 3,932.98 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं.

पलायन रूकेगा, गांवों में बढ़ेगी पूंजी

पलायन रुकने के साथ-साथ इस भारी-भरकम राशि के खर्च होने से ग्रामीण बिहार की पूरी तस्वीर बदलेगी. ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गांवों में ही रोजगार और स्वरोजगार के साधन उपलब्ध होंगे, तो रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी.

गांवों का पैसा गांवों में ही घूमेगा, जिससे स्थानीय बाजारों में तेजी आयेगी. जीविका दीदियों के स्वयं सहायता समूहों को सीधे फंड मिलने से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी और परिवारों की निर्णय लेने की क्षमता में उनकी भागीदारी बढ़ेगी.

सामाजिक असमानता होगी कम

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति मद में विशेष रूप से आवंटित की गई राशि से समाज के सबसे वंचित और पिछड़े तबके तक सरकारी सहायता सीधे पहुंचेगी. इससे सामाजिक असमानता कम होगी. बताया कि इस योजना का परिणाम धरातल पर बहुत सकारात्मक आया है.

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Published by: Preeti Dayal

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