Bihar Flood: पप्पू यादव बोले- 22 जिलों के 56 लाख लोग परेशान, बाढ़ पर सरकार से पूछा ये सवाल

Pappu Yadav On Bihar Flood: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ की विकट स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने दावा किया कि 22 जिलों के करीब 56 लाख लोग भोजन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं. सांसद ने बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है.

Pappu Yadav On Bihar Flood: पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है. पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दावा किया कि बिहार के 22 जिलों के करीब 56 लाख लोग बाढ़ से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि बड़ी आबादी भोजन, पानी और दूसरी जरूरी सुविधाओं के लिए जूझ रही है.

कोसी, गंडक और गंगा के पानी से बढ़ी परेशानी

पप्पू यादव ने कहा कि कोसी, गंडक और गंगा के बढ़े पानी के बीच कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. उन्होंने सरकार से प्रभावित लोगों तक राहत और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने की मांग की.

सांसद ने कहा कि बाढ़ की गंभीर स्थिति के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार को बाढ़ मुक्त करने के पुराने बयान का भी जिक्र किया.

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पप्पू यादव ने पूछा- बाढ़ मुक्त करने के लिए स्थायी तौर पर क्या काम किया गया?

पप्पू यादव ने सवाल किया कि बिहार को बाढ़ मुक्त करने के लिए अब तक स्थायी तौर पर क्या काम किया गया है. उन्होंने कहा कि हर साल बाढ़ आती है और सरकार की ओर से राहत सामग्री बांटी जाती है. लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है. उनका कहना था कि केवल राहत देने से बाढ़ की समस्या खत्म नहीं होगी. इसके लिए दीर्घकालिक योजना बनानी होगी.

CAG रिपोर्ट का हवाला देकर उठाए सवाल

पप्पू यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में CAG की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट का भी हवाला दिया. उन्होंने दावा किया कि 2007 से 2012 के दौरान बाढ़ नियंत्रण कार्यों के लिए उपलब्ध राशि में से 1,098.18 करोड़ रुपये सरेंडर कर दिए गए.

उन्होंने बाढ़ को 'मैन मेड डिजास्टर' बताते हुए फरक्का बराज और नदी प्रबंधन पर भी सवाल उठाए. सांसद ने कोसी नदी पर हाई डैम बनाने की मांग की.

राहत से आगे स्थायी समाधान की मांग

पप्पू यादव ने कहा कि बिहार में हर साल बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित होती है. ऐसे में सिर्फ राहत बांटने की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है. सरकार को बाढ़ के स्थायी समाधान पर काम करना चाहिए.

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से नदी प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण और प्रभावित इलाकों के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.

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By अभिनंदन पांडेय

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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