बिहार में बाढ़ का खतरा,गंगा-गंडक के बाद सोन भी उफान पर

VIDEO: बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, गंगा-गंडक के बाद सोन भी उफान पर; 5.25 लाख क्यूसेक पहुंचा पानी

बिहार में बाढ़ का संकट गहरा गया है. सोन नदी 5.25 लाख क्यूसेक के रिकॉर्ड स्तर पर बह रही है, जिसके चलते इंद्रपुरी बराज के 56 गेट खोल दिए गए हैं. कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.

Bihar Flood Alert : बिहार में बाढ़ का संकट अब और गहराता जा रहा है. गंगा और गंडक के बाद सोन नदी भी उफान पर है. मंगलवार को सोन नदी का जल प्रवाह करीब 5.25 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया, जो इस साल अब तक का सबसे अधिक जल प्रवाह बताया जा रहा है. बढ़ते दबाव को देखते हुए इंद्रपुरी बराज के 69 में से 56 गेट खोल दिये गये हैं. वहीं, राज्य में 10 स्थानों पर अलग-अलग नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. इससे दक्षिण और पूर्वी बिहार के कई निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.

5.25 लाख क्यूसेक पहुंचा सोन का जलप्रवाह

सोन नदी में तेजी से बढ़ते जलप्रवाह ने नदी किनारे बसे इलाकों की चिंता बढ़ा दी है. इस साल पहली बार सोन में करीब 5.25 लाख क्यूसेक पानी पहुंचा है. जलस्तर में वृद्धि की एक प्रमुख वजह बाणसागर बांध से छोड़ा गया पानी भी बतायी जा रही है. रविवार को बाणसागर से छोड़ा गया पानी मंगलवार को सोन नदी में पहुंचा, जिसके बाद नदी के आसपास के इलाकों में दबाव बढ़ गया.

इंद्रपुरी बराज के 56 गेट खोले गये

सोन नदी में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए इंद्रपुरी बराज के 69 में से 56 गेट खोल दिये गये हैं. इससे सोन के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गयी है. मनेर में भी सोन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. जलस्तर बढ़ने से आसपास के निचले क्षेत्रों में पानी फैलने की आशंका बनी हुई है.

गंगा-गंडक के बाद अब सोन ने बढ़ायी चिंता

बिहार में पहले से ही गंगा और गंडक नदी कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. अब सोन नदी में भी भारी जलप्रवाह ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है. राज्य में अलग-अलग स्थानों पर करीब 10 जगह नदियां लाल निशान के ऊपर बतायी गयी हैं. इसका असर दक्षिण और पूर्वी बिहार के निचले इलाकों में दिखने लगा है.

राघोपुर में तटबंध पर बढ़ा दबाव

भागलपुर के नवगछिया स्थित राघोपुर में गंगा के कटाव की स्थिति बेहद गंभीर बतायी जा रही है. तटबंध पर लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह नई दिल्ली में चल रही बैठक को बीच में छोड़कर पटना लौटे. इसके बाद जल संसाधन विभाग के सचिव भागलपुर पहुंचे और तटबंध की सुरक्षा के लिए चल रहे कार्यों का जायजा लिया.

तटबंध की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय का दावा

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राघोपुर में बांध की सुरक्षा और आगे के कटाव को रोकने के लिए सभी जरूरी और संभावित उपाय किये जा रहे हैं. नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कार्रवाई भी की जा रही है. अधिकारियों को मौके पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है.

गंडक में नेपाल की बाढ़ का असर

जल संसाधन विभाग के अनुसार नेपाल में आयी बाढ़ के बाद गंडक नदी के जलप्रवाह में उतार-चढ़ाव जारी है. मंगलवार को वाल्मीकिनगर बैराज से करीब 1.25 लाख से 1.50 लाख क्यूसेक के बीच पानी छोड़ा गया. डुमरिया घाट में गंडक नदी खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. वहीं मंगराघाट के पास भी नदी लाल निशान से 24 सेंटीमीटर ऊपर है.

कोसी और बूढ़ी गंडक भी खतरे के ऊपर

कोसी नदी का जलस्तर भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. बलतरा में कोसी 1.11 मीटर और कुरसेला में 41 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी भी खतरे के निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर है. लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ रही है.

मुख्यमंत्री ने भी जतायी बाढ़ की चिंता

मोतिहारी में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी राज्य में बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि गंडक, कोसी, बागमती और गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ और जल प्रबंधन को लेकर लगातार काम कर रही है और प्रभावित इलाकों में जरूरी कदम उठाने के निर्देश प्रशासन को दिये गये हैं.

नदी किनारे रहने वालों को विशेष सतर्कता

गंगा, गंडक, सोन और कोसी समेत कई नदियों के जलस्तर में वृद्धि के बीच नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्क रहने की जरूरत है. प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ायी जा रही है. जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है.

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By विवेक सिंह

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