Bihar Flood: बिहार में गंगा का उफान जारी है. नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने की वजह से लोगों की परेशानी बनी हुई है. सिर्फ गंगा ही नहीं बल्कि कोसी और गंडक नदी भी अपने रौद्र रूप में है. इससे वैशाली, बेगूसराय, सारण, बक्सर, भोजपुर, भागलपुर, बेगूसराय, पूर्णिया, लखीसराय समेत कई जिले बाढ़ का कहर झेल रहे हैं. इस दौरान अलग-अलग जिलों में बाढ़ के पानी में डूबने से 20 लोगों की मौत हो गई.
किस जिले में कितने लोग की मौत?
मृतकों में सारण के पांच, पटना के चार, भोजपुर के तीन, वैशाली और भागलपुर के दो और बेगूसराय, पूर्णिया, लखीसराय और जमुई जिले का एक-एक व्यक्ति शामिल है. पटना जिले के पुनपुन प्रखंड में एक मासूम बच्ची समेत तीन लोगों और मनेर में एक की मौत हो गई. इस तरह से कई जिलों में बाढ़ का कहर साफ देखने के लिए मिल रहा है.
सारण में टूटा बांध
सारण के दरियापुर की मुजौना पंचायत के सेमरहिया के पास माही नदी का बांध टूटने से कई गांवों में पानी फैल गया. मांझी के इमादपुर वीन टोलिया के पास दाहा नदी का रिंग बांध टूटने से पानी भर गया है. हाजीपुर शहर में बाढ़ का पानी घुसने के कारण आने-जाने के लिए लोगों को नाव का भी सहारा लेना पड़ रहा है.
मुंगेर और भागलपुर में बढ़ रहा गंगा का जलस्तर
जल संसाधन विभाग के अनुसार मुंगेर और भागलपुर की तरफ गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. इस पूरी स्थिति को लेकर सरकार के स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है. संवेदनशील जगहों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती की गई है.
खासकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद गंगा के किनारे वाले 12 जिले बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, भागलपुर और कटिहार में जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
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कोसी-सीमांचल में बढ़ा खतरा
कोसी-सीमांचल और पूर्वी बिहार में नदियों का पानी तेजी से फैल रहा है. मुंगेर, लखीसराय, भागलपुर जैसे जिलों में रिहायशी मोहल्लों में भी पानी घुस गया है. भागलपुर में गंगा 2021 के ऐतिहासिक जलस्तर के करीब गंगा पहुंच गई है. अकबरनगर स्थित भवनाथपुर के पास एनएच-80 पर पानी चढ गया है. श्रीरामपुर रिंग बांध टूट गया. पूर्णिया जिले के अमौर प्रखंड में असियानी घाट पर बना पुल ध्वस्त हो गया और उस पर से ओवरलोडेड बालू लदा ट्रक नदी में गिर गया.
क्या कहना है विशेषज्ञों का?
जल संसाधन विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और पटना के गांधी घाट पर जलस्तर के उच्चतम स्तर को पार करने के बाद अब पानी का दबाव डाउन स्ट्रीम इलाकों में रहेगा. इसका प्रभाव अगले एक से तीन दिनों तक हथीदह और उसके बाद के डाउन स्ट्रीम गेज स्टेशनों पर देखने को मिल सकता है. ऐसे में बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार जिले के गंगा के किनारे वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने का अधिकारियों को निर्देश दिया गया है.
पटना में लगातार बढ़ रहा नदी का जलस्तर
पटना में पुनपुन नदी का जलस्तर रविवार दोपहर दो बजे पटना के श्रीपालपुर में 53.45 मीटर दर्ज किया गया. इसमें शनिवार की तुलना में 10 सेंमी की बढ़ोतरी हुई है. पुनपुन के जलस्तर में फिलहाल बढ़ोतरी का रुख है. यहां उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड वर्ष 1976 में 53.91 मीटर था. दानापुर में गंगा का जलस्तर 52.63 मीटर दर्ज किया गया है. जो कि वर्ष 2021 में पिछले उच्चतम जलस्तर 52.61मी से 0.02 मीटर ऊपर रहा.
सोन का डिस्चार्ज घटा और कोसी में बढ़ा
सोन नदी के इंद्रपुरी बराज से पानी के डिस्चार्ज में कमी आई है. रविवार सुबह 10 बजे बराज से 2,27,717 और दो बजे 02,01,092 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. कोसी के वीरपुर बराज से सुबह 10 बजे 01,69,225 और दो बजे 01,81,145 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. गंडक के वाल्मीकिनगर बराज से सुबह 10 बजे 01,29,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, दो बजे जलस्तर स्थिर रहा.
