‍Bihar weather: घुमड़-घुमड़ कर आए काले बदरा, लेकिन न गरजे न बरसे, किसानों के माथे पर खींची चिंता की लकीरें

कृषि विश्वविद्यालय पूसा ने एक बार फिर से जिले में अच्छी बारिश होने के संभावना जताई है. इसके बाद किसानों ने एक बार फिर से रोपनी को लेकर कमर कस ली है.

मुजफ्फरपुर में मानसून के फिलहाल तराई इलाके में सक्रिय रहने की संभावना है. पिछले एक सप्ताह से रुक-रुक कर हो रही बारिश से मौसम में काफी बदलाव आया है. धान की खेती के लिए बारिश काफी फायदेमंद साबित हुई है. मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, इस महीने के अंतिम दो दिन 30 व 31 जुलाई को भारी बारिश की उम्मीद है. इस दौरान तेज हवा भी चल सकती है.

किसानों ने फिर से शुरू रोपनी की तैयारियां

कृषि विश्वविद्यालय पूसा से जारी बुलेटिन के अनुसार, बारिश होने से तापमान सामान्य के आसपास ही रहेगा. यानी गर्मी से निजात मिलेगी. अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को रोपनी के लिए तैयारी करने की सलाह दी गयी है. विवि की सलाह पर किसानों ने एक बार फिर से धान रोपनी को लेकर कमर कस ली है.

मौसम बदलने से मिली राहत, पर नहीं बरसे बदरा

बता दें कि बीते मंगलवार को जिले में सुबह से बादल की आवाजाही लगी रही. दोपहर में धूप-छांव के बीच-बीच में हल्की बारिश हुई. शाम होते ही आकाश में फिर से बादलों ने डेरा जमा लिया. ठंडी हवा चलने से सुकून महसूस हुआ. मंगलवार को दिन व रात का तापमान सामान्य से काफी कम रहा. लेकिन जमकर बारिश नहीं होने के चलते लोग मायूस भी नजर आए. खासकर खेतीबारी से जुड़े लोग ज्यादा चिंतित नजर आए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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