पटना में कमीशन के तौर पर मांगे 3 लाख,1.04 लाख लेते धराए कार्यपालक अभियंता, घर से 8.36 लाख नकद मिले

पटना में निगरानी टीम ने बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड के कार्यपालक अभियंता द्विजेन्द्र कुमार मिश्र को 1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. उनके आवास से ₹8.36 लाख नकद और करोड़ों के निवेश के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं.

Vigilance Raid On Executive Engineer In Patna : राजधानी पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की मुख्यालय टीम ने गुरुवार को बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड, पूर्णिया के कार्यपालक अभियंता द्विजेन्द्र कुमार मिश्र को 1.04 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी पटना जू के पास गोल्फ क्लब गेट के बगल से की गयी. गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने रूपसपुर स्थित उनके आवास पर भी छापेमारी की, जहां से 8.36 लाख रुपये नकद समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किये गये.

स्कूल निर्माण के भुगतान पर मांगा था दो प्रतिशत कमीशन

निगरानी ब्यूरो के अनुसार कंकड़बाग निवासी ठेकेदार राम सागर शर्मा ने कार्यपालक अभियंता के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी. ठेकेदार ने कटिहार जिले में सरकारी विद्यालय के निर्माण से संबंधित काम कराया था. इस कार्य के लिए 1,54,19,329 रुपये का पहला भुगतान उनके खाते में हो चुका था.

आरोप है कि इसी भुगतान की राशि पर कार्यपालक अभियंता ने दो प्रतिशत कमीशन के तौर पर तीन लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी. शिकायत के सत्यापन के दौरान 1.04 लाख रुपये रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद निगरानी थाना में कांड संख्या 104/26 दर्ज किया गया.

पटना जू के पास रिश्वत लेते धराए

मामला दर्ज होने के बाद डीएसपी विकास कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में धावादल का गठन किया गया. टीम ने जाल बिछाकर आरोपी कार्यपालक अभियंता को पटना जू के पास गोल्फ क्लब गेट के बगल से रिश्वत की रकम लेते रंगेहाथ दबोच लिया.

घर की तलाशी में कैश व करोड़ों के निवेश के दस्तावेज मिले

गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने रूपसपुर स्थित लखन एन्क्लेव में आरोपी के आवास पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान 8,36,000 रुपये की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई. इसके अलावा रूपसपुर स्थित फ्लैट समेत करीब एक करोड़ रुपये के पारिवारिक निवेश से संबंधित कागजात भी मिले.

तलाशी के दौरान हुंडई आई-20 कार, दो बैंक लॉकरों से संबंधित दस्तावेज और भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद किये गये हैं. जेवरात का अधिकृत वैलुअर से मूल्यांकन कराया जा रहा है.

रिटायरमेंट के बाद आउटसोर्सिंग से बने थे इंजीनियर

जांच में सामने आया है कि द्विजेन्द्र कुमार मिश्र वर्ष 2021 में जल संसाधन विभाग से कार्यपालक अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए थे. इसके बाद वर्ष 2023 से वे एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधीन पूर्णिया में कार्यपालक अभियंता के रूप में सेवा दे रहे थे. निगरानी टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है. पूछताछ पूरी होने के बाद उसे निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जायेगा.

इसे भी पढ़ें : पटना: पांच तत्कालीन सीओ पर विभाग का शिकंजा, किसी की वेतन वृद्धि रुकी तो किसी की पेंशन कटी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anurag pradhan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >