राघोपुर से कौशिक रंजन : बिहार के सबसे चर्चित सीटों में शुमार राघोपुर विस क्षेत्र कई मायने में काफी अलग है. चाहे इसकी भौगोलिक स्थिति की बात हो या सामाजिक, दोनों एकदम अलग हैं. गंगा पार करने के साथ ही पटना के पास होते हुए भी यह एकदम सुदूर इलाके का एहसास कराता है.
राघोपुर इलाके में वोटरों का एक बड़ा वर्ग है, जो खुलकर बेबाक तरीके से अपनी राय रखता है, बिना किसी संकोच के. पसंद और नापसंद बताने में इन्हें कोई गुरेज नहीं है और इनके वर्ग के हिसाब से इनके पसंद भी साफ हैं.
दो जाति यादव व राजपूत बहुलता वाले इस क्षेत्र में एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जो एकदम चुप है और सीधे चुनाव के दिन ही मुखर होकर मतदान कर बेबाकी दिखाने में विश्वास करता है. ये ‘चुप्पा’ वोटर अतिपिछड़ा व दलित समाज के हैं. सभी गांवों में इनकी आबादी कम-ज्यादा है. इन पर भी काफी हद तक इस क्षेत्र की हार व जीत का समीकरण निर्भर करता है.
अस्पताल है, पर डॉक्टर नहीं
मोहनपुर कबीर चौक के पास भाजपा प्रत्याशी का बड़ा का कार्यालय दिखा, लेकिन इसमें कम लोग थे. कारण था कि यहां से थोड़ी दूरी पर मोहनपुर रेफरल अस्पताल के मैदान में भाजपा के दो दिग्गज नेताओं केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय व बिहार प्रभारी सांसद भूपेंद्र यादव की सभा होनी थी. इस तिराहे पर मौजूद कुछ दुकानदारों ने विकास की दुहाई दी.
भाजपा नेताओं को सुनने आये उमेश, विनोद, शंभु, रूदल समेत कई लोगों ने बताया कि यहां अस्पताल व पास में एक कृषि विकास केंद्र जैसे भवन तो इसी सरकार में बने हैं, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर नहीं हैं. थोड़ी तकलीफ बढ़ने पर यहां से सीधे पटना रेफर कर देते हैं. चोट लगने पर मलहम-पट्टी तक नहीं होती. यहां से पटना ले जाने में काफी दिक्कत होती है.
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राजद व भाजपा में लड़ाई
राघोपुर में भाजपा व राजद आमने-सामने हैं. दोनों दल के उम्मीदवार एक ही समाज से आते हैं, परंतु तेजस्वी यादव को यहां के लोग उनके पिता लालू प्रसाद की वजह से ही ज्यादा बेहतर तरीके से जानते हैं. उनके लिए यह विरासत की सीट रही है. हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी यहां से चुनाव हार चुकी हैं.
रामपुर के सतीश राय
मोहनपुर के पास ही भाजपा प्रत्याशी सतीश राय का गांव रामपुर भी है. यहां के लोग गांव वाले के साथ हैं. परंतु इससे थोड़ा आगे जाने पर फतेहपुर गांव आता है, जहां की कहानी एकदम अलग है. यह गांव लोजपा प्रत्याशी राकेश रौशन का है. सोनू ने बताया कि वह अपने गांव के ही उम्मीदवार को चुनेंगे.
Posted by Ashish Jha
