Bihar Chunav: ये निर्वाचन पोस्ट कोविड के समय का सबसे बड़ा निर्वाचन था. बिहार में जनसंख्या घनत्व पूरे देश में सबसे अधिक है. बाढ़ और आपदा प्रबंधन में पूरी मशीनरी व्यस्त थी. ऐसे में वोटर की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कम समय में निष्पक्ष- शांतिपूर्ण चुनाव बहुत बड़ी चुनाैती थी. बिहार के पूरे मतदाताओं और कार्मिकों को लेाकतंत्र की नजीर के रूप में देखा जायेगा.
विधानसभा चुनाव 2020 के अंतिम चरण का मतदान पूरा होने के बाद प्रेस काॅन्फ्रेंस में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास के यह यह कहकर सैकड़ों साल पुराने इतिहास की याद दिला दी. लोकतंत्र की नींव जिस वैशाली ने रखी थी. यह शहर जिस राज्य का हिस्सा है, वह बिहार कोरोना जैसी महामारी के संकट में भी सुरक्षित और निष्पक्ष विधानसभा चुनाव कराकर लोकतंत्र के लिए नजीर बन गया है.
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कई दशकों के बाद नेताओं ने ऐसे बोल नहीं बोले कि आयोग को प्रतिबंध लगाने पड़ा हो़ पहली बार चुनाव आयोग के रजिस्टर में स्पष्टीकरण का कॉलम खाली है. ये चुनाव सबसे कम समय में पूरा होने वाला चुनाव रहा. चुनाव आयोग ने 25 सितंबर को चुनाव कार्यक्रम जारी किया था. 28 अक्तूबर को पहले चरण का मतदान था. अब 10 नवंबर को परिणाम के साथ ही पूरी प्रक्रिया संपन्न हो जायेगी.
निर्वाचन कार्यालय में सीइओ एचआर श्रीनिवास, पुलिस मुख्यालय स्तर पर एडीजीपी जितेंद्र कुमार मोर्चा संभाले रहे. प्रति बूथ मतदाताओं की संख्या 1400 की जगह एक हजार होने से मतदान केंद्रों की संख्या 73 हजार बढ़ गयी. एक लाख छह हजार बूथों में अधिकतर स्कूलों में थे. ऐसे में पांच लाख 30 हजार कर्मी को चुनाव कार्य के लिए तैनात करना और सात करोड़ से अधिक वोटर वाले चुनाव के लिए ट्रेंड करना बड़ी चुनौती थी.
रिकाॅर्ड ढाई लाख प्रवासी मजदूरों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ना भी एक उपलब्धि रही. 81 किस्म के पोस्टर बनाये. 16 वीडियो क्लिप बनाये गये. भोजपुरी, मैथिली व मगही भाषाओं में तैयार कर जागरूकता लायी गयी. चलो करें मतदान गीत को तो भारत निर्वाचन आयोग ने भी स्वीकार किया है. बिहार के लिए किसी गर्व से कम नहीं है. आॅनलाइन काम भी काबिले तारीफ रहा.
पहली बार चुनाव में लगी महिला कार्मिक, कायल हुआ आयोग
कोरोना के कारण मतदान केंद्रों की संख्या में 45 फीसदी का इजाफा हो गया था. इस कारण पहली बार महिलाओं को भी मतदान कार्मिक ड्यूटी में तैनात करना पड़ा. 7912 महिला कर्मियों ने योगदान दिया. सीइओ श्रीनिवास का कहना है कि बड़ी संख्या में महिला कर्मियों को लगाना अनिवार्य हो गया था. खुशी से ये बात शेयर करना चाहता हूं कि महिला मतदानकर्मियों ने बहुत बेहतर काम किया, जबकि अधिकांश महिला कर्मी पहली बार चुनाव ड्यूटी कर रही थीं.
लाखों लोगों पर कार्रवाई
चुनाव आयोग के दिशा- निर्देश के बाद पुलिस ने जिस तरह काम किया वह दूसरे राज्यों की पुलिस के लिए उदाहरण है. समय कम होने के कारण शांतिपूर्ण- निष्पक्ष चुनाव पुलिस के बेहतरीन काम के बिना संभव नहीं था. इस परीक्षा में पुलिस अच्छे अंक से पास हुई. 21699 ऐसे समूहों और एक लाख 14 हजार 142 लोग ऐसे चिह्नित किये, जो चुनाव को बाधित कर सकते थे. इन पर निरोधात्मक कार्रवाई की. 58 हजार से अधिक वारंट में एक्शन हुआ. 5112 लोगों पर सीसीए लगा. 3751 हथियार के लाइसेंस निरस्त किये. तीन लाख 63 हजार 364 लोगों को बाउंड डाउन किया गया.
आचार संहिता के उल्लंघन में दर्ज मामले
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लाउडस्पीकर एक्ट 51
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संपत्ति निरूपण एक्ट 348
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कोविड को लेकर 156
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बिना अनुमति सभा 131
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प्रदर्शन- जाम 11
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अमर्यादित पोस्ट 09
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मद्य निषेध 08
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कुल दर्ज कांड 880
Posted by Ashish Jha
