Diwali 2020, Adulterated Food Items, Milawati Mithai Sample Test, Festive Season Adulterated Sweets: पटना (साकिब) : राज्य में मिठाइयों समेत दूसरे खाद्य पदार्थों की जांच के लिए एक मात्र लैब पटना में है. इस लैब में पूरे राज्य से मिठाई, खोया, खाद्य तेल आदि के सैंपल जांच के लिए आते हैं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण यहां समय पर रिपोर्ट नहीं तैयार हो पाती है. इसका फायदा मिलावटी मिठाइयों और खाद्य पदार्थों के विक्रेताओं को हो रहा है. देर से रिपोर्ट आने के कारण वे जहां एक ओर बचने के उपाय ढूंढ़ने लगते हैं, वहीं दूसरी ओर बिक्री लगातार जारी रखते हैं.
दीवाली में बढ़ जाती है सैंपलों की संख्या
पटना में स्थित इस सरकारी लैब में राज्य भर से महीने में पांच से सात सौ सैंपल जांच के लिए आते हैं. दीपावली के समय लैब में जांच के लिए आने वाले सैंपलों की संख्या दोगुनी तक बढ़ जाती है. पिछले वर्ष भी दीपावली के समय यहां जांच के लिए करीब 1200 सैंपल पहुंचे. इतने काम होने के बावजूद लैब में मैन पावर के नाम पर कुल मिला कर छह तकनीशियन और अधिकारी हैं. इनके भरोसे ही लैब का सारा काम होता है.
दीवाली को लेकर होगी छापेमारी, लेकिन रिपोर्ट आयेगी बाद में
दीपावली करीब है, ऐसे में मिलावटी मिठाइयों या खोया की बिक्री को रोकने के लिए अगले कुछ दिनों में राज्य भर में जम कर छापेमारी होगी. हर वर्ष ऐसी छापेमारी रूटीन प्रक्रिया के तहत होती है. लेकिन जब तक मिलावटी मिठाई या अन्य खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट आयेगी और उन पर फूड इंस्पेक्टर कार्रवाई करेंगे, तब तक ऐसी मिठाइयां पटना समेत राज्य भर के लोग जाने-अनजाने में खरीद कर खा चुके होंगे. फूड लैब से 14 दिन बाद ही रिपोर्ट मिलती है. कई बार तो 20-25 दिन या इससे भी अधिक समय लग जाता है. ऐसे में सैंपल जांच और रिपोर्ट के इंतजार में यहां कई दिनों तक पड़े रहते हैं.
लैब में जांच मैनुअल, नहीं हैं जरूरी मशीनें
राज्य के इस एकलौते फूड लैब में मिठाई और दूसरे खाने की चीजों की जांच का सारा काम मैनुअल ही होता है. जांच का तुरंत रिजल्ट देने वाली कोई मशीन यहां नहीं है. हाल यह है कि एक-एक तकनीशियन के पास जांच के लिए एक समय में 50 तक सैंपल हो जाते हैं.
इससे जांच का काम प्रभावित होता है और रिपोर्ट आने में देरी भी होती है. जब यहां सैंपल आते हैं, तो उसकी कोडिंग कर लैब में जांच के लिए भेजा जाता है, फिर रिजल्ट आने पर टाइप कर रिपोर्ट बनायी जाती है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक जांच का काम तो तीन से पांच दिन में हो जाता है, लेकिन रिपोर्ट तैयार होने में 14 कार्य दिवस या इससे ज्यादा लग जाता है.
Also Read: बिहार में अब कोहरे के आसार, दिन-रात का पारा सामान्य से नीचे, दीपावली-छठ तक पड़ेगी कड़ाके की ठंड
दीपावली को लेकर छापेमारी को टीम तैयार
इस दीपावली में नकली या मिलावटी मिठाइयों की बिक्री को रोकने के लिए फूड सेफ्टी ऑफिसरों ने कमर कस ली है. इनकी बिक्री करने वाली दुकानों पर अगले कई दिनों तक लगातार छापेमारी होगी. इसके लिए पटना में विशेष टीम बनायी गयी है. छापेमारी में सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा जायेगा. लैब में अगर मिलावट साबित होती है तो कानूनी कार्रवाई संबंधित दुकानदार पर होगी. साथ ही इस छापेमारी में मिठाई दुकानदार का लाइसेंस, वहां हाइजीन, कोरोना को देखते हूए सैनिटाइजेशन की स्थिति, मिठाइयों की ट्रे पर इस्तेमाल की अंतिम तिथि आदि को भी देखा जायेगा.
Also Read: Bihar Election 2020: अमित शाह, प्रियंका, सोनिया, राबड़ी समेत नहीं दिखे पूरे विधानसभा चुनाव में ये प्रमुख दलों के स्टार प्रचारक
क्या कहते हैं लैब के अधिकारी
पटना स्थित हमारा फूड लैब राज्य का इकलौता लैब है. हमारे पास राज्य भर से हर महीने पांच से छह सौ सैंपल जांच के लिए आते हैं. 14 कार्यदिवस में हम उसकी रिपोर्ट बनाकर दे देते हैं. जांच का काम एक पूरी प्रक्रिया के तहत होता है, जिसमें इतना समय लग जाता है. हमारे पास ऐसी मशीनें नहीं हैं, जिससे हम तुरंत जांच कर सकें.
महेंद्र प्रताप सिंह, खाद्य विश्लेषक, फूड लैब, पटना
Posted By: Sumit Kumar Verma
