Bihar Education Department: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं को अब यूनिफॉर्म की राशि नहीं मिलेगी. शिक्षा विभाग ने पोशाक योजना में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है. अब तक छात्रों को पोशाक खरीदने के लिए डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से पैसे दिए जाते थे, लेकिन एकेडमिक सेशन 2026-27 से नकद राशि के बजाय जीविका की ओर से तैयार वाले दो सेट सिले-सिलाये पोशाक उपलब्ध कराए जायेंगे.
शिक्षा विभाग से मिली मंजूरी
शिक्षा विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने इस संबंध में बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को लेटर भेजकर विभागीय सहमति प्रदान करने का अनुरोध किया है. प्रस्ताव को शिक्षा विभाग के सचिव की मंजूरी भी मिल चुकी है.
पहली से 12वीं तक के छात्रों को मिलेगा लाभ
नयी व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना और मुख्यमंत्री बालक पोशाक योजना के तहत पहली क्लास से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं को और बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के तहत क्लास नौवीं से 12वीं तक की छात्राओं को दो सेट यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जायेगी. वर्तमान में इन योजनाओं का लाभ 75 प्रतिशत उपस्थिति पूरी करने वाले विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से दिया जाता है.
किस योजना के तहत कितने रुपये मिलते हैं?
मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के तहत- पहली से दूसरी के विद्यार्थियों को 600 रुपये, तीसरी से पांचवीं क्लास को 700 रुपये, छठी से आठवीं क्लास को 1000 रुपये
मुख्यमंत्री बालक पोशाक योजना (एपीएल) के तहत- पहली से दूसरी को 400 रुपये, तीसरी से पांचवीं क्लास को 500 रुपये, छठी से आठवीं क्लास को 700 रुपये
मुख्यमंत्री बालक पोशाक योजना (एससी, एसटी, बीपीएल) के तहत- पहली से दूसरी को 600 रुपये, तीसरी से पांचवीं क्लास को 600 रुपये, छठी से आठवीं क्लास को 700 रुपये
बिहार शताब्दी मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना के तहत- नौवीं से 12वीं क्लास को 1500 रुपये
नयी व्यवस्था का ये है मकसद
शिक्षा विभाग का मानना है कि नकद राशि देने के बजाय सीधे पोशाक उपलब्ध कराने से बच्चों को निर्धारित गुणवता की यूनिफॉर्म मिलेगी. साथ ही कई मामलों में राशि का अन्य मदों में उपयोग होने या गुणवत्ताहीन पोशाक खरीदने की शिकायतें भी समाप्त होंगी. जीविका की ओर से तैयार पोशाकों की गुणवत्ता की निगरानी भी की जाएगी.
जीविका दीदियों को भी मिलेगा रोजगार
इस नयी व्यवस्था से जहां छात्रों को बेहतर गुणवत्ता की यूनिफॉर्म मिलेगी, वहीं जीविका से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े पैमाने पर सिलाई और आपूर्ति का काम मिलने से ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आय के अवसर भी बढ़ेंगे. विभागीय लेटर के अनुसार, विभिन्न वर्गों के लिए पोशाक मद में 400 रुपये से 1500 रुपये तक की राशि निर्धारित है. अब इसी निर्धारित दर के अनुरूप जीविका की ओर से दो सेट सिले-सिलाये पोशाक उपलब्ध कराए जायेंगे.
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