Bihar Eco Tourism: बिहार में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई पहल कर रही है. ऐसे में अब इको टूरिज्म को वर्ल्ड लेवल पर पहचान दिलाने के लिए बिहार सरकार ने मेगा प्लान तैयार किया है. पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग भी एक्शन मोड में है और 27 डैम और 247 तालाबों को चिह्नित किया गया है. ये सभी पर्यटन के केंद्र के रूप में डेवलप होंगे.
लोगों को मिलेंगी ये सुविधाएं
जानकारी के मुताबिक, इन जगहों पर लोगों को एडवेंचर एक्टिविटीज की सुविधाएं मिल सकेंगी. इसमें वॉटर स्पोर्ट्स और रिसॉर्ट्स जैसी फैसिलिटी भी लोगों को मिल सकेगी. बताया जा रहा है कि बिहार सरकार के प्लान को धरातल पर उतारने के लिए और इसके लिए उद्यमियों को अट्रैक्ट करने के लिए ईको टूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट-2026 का भी आयोजन किया जाएगा. यह आयोजन पटना में 9 जून को होगा.
30 सालों की लीज पर दी जाएगी जमीन
जानकारी के मुताबिक, ईको टूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट में निवेशक शामिल होंगे. खास बात यह भी मानी जा रही है कि पीपीपी मॉडल के तहत निवेशकों को 30 सालों की लंबी लीज पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी. सरकार की ओर से बिहार में निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए यह निर्णय लिया गया है. विभाग की ओर से निवेश को आसान बनाने के लिए चिह्नित किए गए पोखरों, जलाशयों और तालाबों को उनकी कैपेसिटी और जियोग्राफिकल लोकेशन के आधार पर दो ग्रेड में बांटा गया है.
सम्राट सरकार ने लिया था ये फैसला
बिहार में ज्यादा से ज्यादा लोग भ्रमण के लिए पहुंचे इसके लिए कई आदेश भी सरकार जारी कर रही है. हाल ही में सीएम सम्राट चौधरी ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आदेश जारी किया था. जिसके मुताबिक, उनके लिए अपने परिवारों के साथ राज्य भर में छुट्टियां मनाना अनिवार्य कर दिया गया था. यह फैसला बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया था.
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