सम्राट कैबिनेट में 7 नए चेहरों को किया गया शामिल, देखें एक-एक का नाम

Bihar Cabinet Expansion: सम्राट कैबिनेट के 32 मंत्रियों ने आज शपथ ग्रहण किया. पटना के गांधी मैदान में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने नए मंत्रियों को शपथ दिलाई. सम्राट कैबिनेट में 7 नए चेहरों को शामिल किया गया है. इनमें बुलो मंडल, निशांत कुमार समेत अन्य शामिल हैं.

Bihar Cabinet Expansion: सम्राट कैबिनेट में 7 नए चेहरों को शामिल किया गया है. आज गांधी मैदान में नए मंत्रियों ने शपथ ग्रहण किया. सम्राट कैबिनेट में जिन 7 चेहरों को जगह दी गई, उनमें निशांत कुमार, बुलो मंडल, श्वेता गुप्ता, मिथिलेश तिवारी, रामचंद्र प्रसाद, नंद किशोर राम और कुमार शैलेंद्र का नाम शामिल है.

  1. निशांत कुमार

बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे और जेडीयू नेता को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया. निशांत की उम्र 44 साल है. उन्होंने बीआइटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. निशांत कुमार को ‘लो-प्रोफाइल’ व्यक्ति माना जाता है. वह निजी जीवन जीने की आदि रहे हैं. दो महीने पहले ही वे जेडीयू में शामिल हुए थे.

  1. बुलो मंडल

शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल गोपालपुर सीट से विधायक हैं. इनकी उम्र 49 साल है. बुलो मंडल भागलपुर लोकसभा क्षेत्र से संसद सदस्य भी रह चुके हैं. दो साल पहले वे राजद छोड़कर जेडीयू में शामिल हुए थे. अब पहली बार उन्होंने कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है.

  1. श्वेता गुप्ता

शिवहर विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव जीती जदयू की श्वेता गुप्ता पेशे से एमबीबीएस डॉक्टर हैं. ये पहली बार विधायक बनी हैं. 45 साल की जाति से वैश्य श्वेता गुप्ता की सामाजिक कार्यों में रूचि रही है. इनके पति वरुण कुमार भी डॉक्टर हैं. मूलरूप से सीतामढ़ी जिले की रहने वाली हैं.

  1. मिथिलेश तिवारी

मिथिलेश तिवारी बीजेपी के जाने-माने चेहरे में शामिल हैं. गोपालगंज के बैकुंठपुर सीट से विधायक हैं. 2015 में वह पहली बार विधायक बने थे. बीजेपी के साथ वे काफी लंबे समय से जुड़े हैं. मिथिलेश तिवारी ब्राह्मण जाति से आते हैं. ऐसे में अब पहली बार कैबिनेट में मंत्री बने हैं.

  1. रामचंद्र प्रसाद

दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा सीट से रामचंद्र प्रसाद विधायक हैं. 2020 से लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं. इन्होंने पीएचडी की है. जिला परिषद से रामचंद्र प्रसाद ने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी. साथ ही ये बीजेपी के काफी अनुभवी नेता माने जाते हैं.

  1. नंद किशोर राम

नंद किशोर राम पश्चिम चंपारण जिले की रामनगर (सुरक्षित) विधानसभा सीट से विधायक हैं. उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की. नंद किशोर राम पहली बार विधायक बने हैं. भाजपा ने यहां मौजूदा नेता भागीरथी देवी का टिकट काटकर नंद किशोर राम को मौका दिया था.

चुनाव में उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रत्याशी को बड़े अंतर से हराकर अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत की. उनकी जीत को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि पार्टी ने इस सीट पर नए चेहरे के रूप में उन पर भरोसा जताया था. राजनीति में आने से पहले वे भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे. वे पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहे हैं और संगठन में जिला स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं.

उनकी पहचान क्षेत्र में सक्रिय और जनता से जुड़े नेता की रही है. रामनगर सुरक्षित सीट पर उनकी जीत को भाजपा की सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा माना गया. अनुसूचित जाति वर्ग में उनकी पकड़ और क्षेत्रीय सक्रियता ने उन्हें मजबूत जनाधार दिलाने में मदद की. भाजपा में उन्हें नये लेकिन प्रभावशाली एससी चेहरे के रूप में देखा जा रहा है.

  1. कुमार शैलेंद्र

भागलपुर जिले के बिहपुर विधानसभा सीट से भाजपा की टिकट पर चुनाव जीते कुमार शैलेंद्र पहली बार मंत्री बने हैं. साठ साल के कुमार शैलेंद्र पेशे से इंजीनियर हैं. 1991 में सिविल इंजीनियरिंग की. बिहार के 74 साल के चुनावी इतिहास में बिहपुर से लगातार तीसरी बार (2025) जीत दर्ज की थी. 2020 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने सफलता प्राप्त की थी. वे एक पेशेवर इंजीनियर हैं और अपनी मजबूत स्थानीय पकड़ के लिए जाने जाते हैं. 2026 के आंकड़ों के अनुसार, वे क्षेत्र के सबसे वरिष्ठ भाजपा नेताओं में से एक हैं.

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Published by: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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