Bihar Expressway News: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को लेकर एक और बड़ा प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहा है. बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे राज्य के 13 जिलों को जोड़ने वाला है. बक्सर से शुरू होकर यह एक्सप्रेसवे भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, जमुई और बांका होते हुए भागलपुर के बाहरी इलाके तक पहुंचेगा.
इस एक्सप्रेसवे से उन इलाकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है, जहां अभी सीधी और तेज सड़क सुविधा सीमित है. परियोजना पूरी होने के बाद इन जिलों के बीच सफर आसान होगा.
पटना सीधे एक्सप्रेसवे से नहीं जुड़ेगा
इस प्रोजेक्ट की एक खास बात यह है कि पटना का सीधा कनेक्शन एक्सप्रेसवे से नहीं होगा. राजधानी से एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए जहानाबाद मुख्य कनेक्टिंग प्वाइंट बनेगा.
पटना और जहानाबाद के बीच पहले से फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग है. इसी सड़क के जरिए जहानाबाद में एक्सप्रेसवे को जोड़ा जाएगा.
यानी पटना से आने वाले लोग पहले फोरलेन से जहानाबाद पहुंचेंगे. इसके बाद नए एक्सप्रेसवे के जरिए गया और आगे के जिलों की ओर जा सकेंगे.
बक्सर से शुरू होगा नया रूट
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की शुरुआत बक्सर से होगी. बक्सर तक पहले से बेहतर सड़क कनेक्टिविटी मौजूद है. इसके बाद ग्रीनफील्ड एलायनमेंट के जरिए सड़क भोजपुर और अरवल की तरफ जाएगी.
आगे यह जहानाबाद, गया और नालंदा होते हुए नवादा, शेखपुरा और लखीसराय तक पहुंचेगी. इसके बाद रूट मुंगेर, जमुई और बांका से होकर भागलपुर के बाहरी इलाके तक जाएगा.
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा नए रूट पर बनाया जाता है. इससे ऐसे इलाकों को भी सीधा सड़क संपर्क मिल सकता है, जहां अभी बेहतर कनेक्टिविटी नहीं है.
उत्तर प्रदेश से भी जुड़ेगा एक्सप्रेसवे
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की भी योजना है. यह कनेक्टिविटी तैयार होने पर बिहार के इन इलाकों से उत्तर प्रदेश जाना आसान हो सकता है.
आगे दिल्ली की तरफ जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर सड़क नेटवर्क मिल सकता है. इससे बिहार का सड़क संपर्क दूसरे राज्यों के साथ और मजबूत होने की उम्मीद है.
13 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा बिहार के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से को मिलने की उम्मीद है.
भोजपुर से अरवल, जहानाबाद से गया और आगे नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, जमुई और बांका तक नया सड़क नेटवर्क विकसित होगा.
इन जिलों के बीच सफर करने वाले लोगों को मौजूदा सड़कों और अलग-अलग रूट पर निर्भरता कम हो सकती है. एक्सप्रेसवे बनने के बाद यात्रा का समय भी घटने की उम्मीद है.
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सिर्फ सफर नहीं, कारोबार को भी मिलेगा फायदा
बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का असर सिर्फ यात्रियों पर नहीं पड़ेगा. इससे माल ढुलाई भी आसान हो सकती है. एक्सप्रेसवे के जरिए कारोबार और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. दूसरे राज्यों तक सामान पहुंचाने में भी समय कम लग सकता है. इससे एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाकों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है.
PPP मॉडल पर होगा निर्माण
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण PPP यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर प्रस्तावित है. इस मॉडल में निजी कंपनी परियोजना के निर्माण में निवेश करेगी. एक्सप्रेसवे पर वाहनों से टोल भी लिया जाएगा. यानी इस सड़क का इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को टोल देना होगा.
DPR की प्रक्रिया आगे बढ़ी
परियोजना की DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है. अब प्रोजेक्ट की अगली तैयारियों पर नजर है.
एक्सप्रेसवे पूरा होने के बाद बिहार के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से को एक नया तेज सड़क कॉरिडोर मिलने की उम्मीद है. इससे बक्सर से भागलपुर तक कई जिलों के बीच कनेक्टिविटी का पूरा नेटवर्क बदल सकता है.
