दो दिनों से बदहाल बिजली आपूर्ति से शहरवासी हुए परेशान
रात भर बिजली नहीं रहने से रतजगा करने को विवश हैं लोग
आरा : लगातार पड़ रही भीषण गरमी से लोग खासा परेशान हैं. एक तरफ जहां गरमी सता रही है, तो बिजली रूला रही है. 43 डिग्री तापमान में लोग बिजली नहीं रहने से बेचैन हो जा रहे हैं. जिले में हाहाकार मचा हुआ है. गरमी से लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है. घर हो या बाहर हर जगह लोग परेशान है. गरमी में पूरवा हवा के कारण और भी परेशानी हो रही है.
लोग पसीने से तर- बतर हो रहे हैं. पूरे दिन लग रहा है कि मानो आदमी स्नान कर रहा है. गरमी के व्यापक प्रभाव से घर, कार्यालय, कचहरी, स्कूल, कॉलेज सभी जगह परेशानी ही परेशानी है. दूसरी तरफ इस भीषण गरमी और चिलचिलाती धूप में बिजली की आंखमिचौनी से जले पर नमक जैसी स्थिति बन रही है.
विगत दो दिनों से बिजली आपूर्ति की स्थिति काफी खराब है. इस विकट स्थिति में लोगों के मुंह से निकल रहा है उफ ये गरमी और बिजली की आंखमिचौनी. बिजली के अभाव में पंखा, कूलर तथा एसी नहीं चलने से लोग छटपटानेवाली दयनीय स्थिति में पहुंच गये हैं. पसीने से रहना मुश्किल हो गया है.
भीषण गरमी से त्राहिमाम की स्थिति : लगातार पड़ रही भीषण गरमी और चिलचिलाती धूप से लोगों का जीना दूभर हो रहा है. बहुत जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकलना चाह रहे हैं. गरमी की स्थिति ऐसी है कि लग रहा है कि आदमी का पूरा शरीर जल रहा हो. गरमी से लोग बेचैनी की स्थिति में रह रहे हैं.
बिजली आपूर्ति की स्थिति हुई बदतर : विगत दो दिनों से बिजली आपूर्ति की स्थिति काफी बदतर हो गयी है. शनिवार को जापानी फॉर्म पावर सब स्टेशन में पांच एमवीए की जगह 10 एमवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाये जाने को लेकर दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक नगर की बिजली गुल रही. इस कारण पूरे दिन लोग बिजली के अभाव में तड़पते रहे.
वहीं रविवार को सुबह से ही बिजली का आना-जाना लगा हुआ है. बिजली की आंखमिचौनी से लोगों की परेशानी काफी बढ़ गयी है. हर जगह त्राहिमाम की स्थिति है. इस गरमी में बिजली की यह स्थिति लोगों को नागवार गुजर रही है. बच्चों को बिजली के नहीं रहने से खासा परेशानी हो रही है.
बिजली नहीं रहने से पानी की हुई सबसे ज्यादा परेशानी
बिजली के अभाव में पानी का मोटरपंप नहीं चल पा रहा था. इससे लोगों को पानी के लिए दो दिन से तरसना पड़ रहा है. खाना बनाने के लिए भी पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है. वहीं स्नान आदि करने के लिए भी पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है. जिन घरों में चापाकल या जेनेरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था है
वहां तो किसी तरह काम चल रहा है, पर नगर के अधिकतर घरों में चापाकल की व्यवस्था नहीं है. वहीं जेनेरेटर की भी व्यवस्था नहीं है. इस कारण अधिकतर लोगों को बिजली पर ही निर्भर रहना पड़ता है, पर लगातार दो दिनों से बिजली आपूर्ति की लगातार बिगड़ रही स्थिति से समस्या काफी गंभीर बन गयी है. एक तरफ सरकार और बिजली कंपनी 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की बात कर रही है. वहीं दूसरी तरफ धरातल पर स्थिति कुछ और ही है. दावा पूरी तरह से खोखला साबित हो रहा है. लोग बिजली के अभाव में गरमी से मर रहे हैं.
