उपभोक्ता कूपन पर अंकित तेल देने के लिए बनाते हैं दबाव
नहीं देने पर मारने को हो जाते हैं उतारू
बिक्रमगंज : सरकार द्वारा केरोसिन में कटौती के कारण आम उपभोक्ताओं को काफी परेशानी हो रही है. तेल में कटैती के बाद भी कूपन पर पूरानी तेल मात्रा अंकित होने के कारण दुकानदारों व उपभोक्ताओं के बीच नोक-झोंक हो रही है. गौरतलब है कि शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को प्रत्येक परिवार को प्रतिमाह मात्र एक लीटर केराेसिन व ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को प्रति परिवार प्रतिमाह दो लीटर चार सौ मिलीलीटर केराेसिन तेल दिये जा रहे हैं. जबकि,
शहरी क्षेत्र के कूपन पर एक लीटर 250 मिली लीटर व शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं के कूपन पर दो लीटर पांच सौ मिली लीटर तेल की मात्रा अंकित है. उधर, उपभोक्ता कूपन पर अंकित तेल देने के लिए दबाव बनाते हैं. दुकानदार द्वारा उसकी पूर्ति नहीं करने पर मारपीट के लिए उतारू हो जाते हैं. इस तरह दुकानदार व उपभोक्ताओं के बीच रोज नोकझोंक होती रहती है. एडीएसओ दयानंद सिंह ने बताया कि कूपन प्रकाशित होने के बाद केंद्र सरकार द्वारा केराेसिन में कटौती कर दिये जाने के कारण कूपन पर अंकित मात्रा में किरासन नहीं दिया जा रहा है.
